
संसद परिसर में सोमवार को एक अलग ही दृश्य देखने को मिला, जब कांग्रेस के लोकसभा सांसद वामसी कृष्णा गद्दाम अपनी खुद की तैयार की गई इलेक्ट्रिक बाइक से संसद भवन पहुंचे। उनकी यह पहल न सिर्फ चर्चा का विषय बनी, बल्कि राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण पर भी एक मजबूत संदेश देती नजर आई। सांसद ने बताया कि दिल्ली की बिगड़ती हवा को देखते हुए उन्होंने पेट्रोल-डीज़ल वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक बाइक से संसद आने का फैसला किया।
वामसी कृष्णा गद्दाम के मुताबिक, यह इलेक्ट्रिक बाइक बेहद किफायती है। उन्होंने कहा कि सिर्फ 20 रुपये की चार्जिंग में यह बाइक करीब 100 किलोमीटर तक चल सकती है। बाइक पर बड़े अक्षरों में ‘RG’ लिखा हुआ था, जिसने लोगों का ध्यान और भी ज्यादा खींचा। बताया जा रहा है कि इस इलेक्ट्रिक बाइक की कीमत लगभग एक लाख रुपये है। सांसद ने साफ कहा कि प्रदूषण के इस दौर में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की जरूरत है और यही संदेश देने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है।
सांसद की इस पहल को संसद परिसर में खासा सराहा गया। मीडिया से बातचीत में वामसी कृष्णा गद्दाम ने बताया कि यह बाइक उन्होंने खुद डिजाइन और तैयार की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस इलेक्ट्रिक वाहन से जुड़ी सभी आवश्यक अनुमतियां पहले ही ले ली गई हैं। उनका कहना था कि अगर जनप्रतिनिधि खुद ऐसे कदम उठाएं, तो आम लोग भी पर्यावरण के प्रति ज्यादा जागरूक होंगे।
प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट में कल होगी अहम सुनवाई
इसी बीच, दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह इस मुद्दे से जुड़ी याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पामचोली की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह की दलीलों पर विचार किया, जो न्याय मित्र के रूप में अदालत की सहायता कर रही हैं।
अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि जब तक सुप्रीम कोर्ट की ओर से सख्त निर्देश नहीं आते, तब तक संबंधित अधिकारी पहले से तय प्रोटोकॉल का ठीक से पालन नहीं करते। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए CJI ने कहा, “यह मामला बुधवार को तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा और इस पर विस्तृत सुनवाई होगी।”
सुनवाई के दौरान एक अन्य वकील ने बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे को उठाया और कहा कि अदालत के पुराने आदेशों के बावजूद कई स्कूल अब भी बाहरी खेल गतिविधियों का आयोजन कर रहे हैं। इस पर न्याय मित्र ने भी चिंता जताते हुए कहा कि अदालत के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी स्कूल इन गतिविधियों को किसी न किसी तरीके से जारी रखे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दे रहा है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर हालात में खास सुधार नहीं दिख रहा।
AQI 400 के पार, दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ स्थिति में
सोमवार को दिल्ली घनी धुंध और जहरीली हवा की चपेट में रही। राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 498 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। दिल्ली के 38 निगरानी केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ दर्ज की गई, जबकि दो केंद्रों पर स्थिति ‘बेहद खराब’ बनी रही।
जहांगीरपुरी इलाके में AQI 498 रिकॉर्ड किया गया, जो दिल्ली के 40 केंद्रों में सबसे खराब स्थिति वाला क्षेत्र रहा। बढ़ते प्रदूषण के चलते लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। ऐसे हालात में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने जैसी पहलें न सिर्फ जरूरी बल्कि समय की मांग बनती जा रही हैं।














