
लोकसभा चुनाव में साथ चलने के बावजूद दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) की राहें अलग हो गईं। अब AAP ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि अरविंद केजरीवाल और पार्टी को हराने के लिए कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन किया और इसके लिए 44 करोड़ रुपये नकद खर्च किए। AAP के नेता सौरभ भारद्वाज ने आज इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोपों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोप
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को नकद चंदे के रूप में केवल 2000 रुपये मिले, जबकि कांग्रेस को 44 करोड़ रुपये कैश में मिले। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किसी भी व्यक्ति से अधिकतम 2000 रुपये नकद चंदा लिया जा सकता है, लेकिन कांग्रेस ने इस नियम की अवहेलना की और इतनी बड़ी रकम जुटाई।
उन्होंने सवाल उठाया कि बीजेपी सरकार ने इस मामले की जांच क्यों नहीं कराई। भारद्वाज ने कहा, “जब हमें 50-50 लाख के चेक मिले थे, तो प्रधानमंत्री कह रहे थे कि अंधेरे में केजरीवाल को 1 करोड़ मिल गया। अब दिन के उजाले में 44 करोड़ कैश आया, लेकिन बीजेपी को कोई चिंता नहीं है। ये पैसे केजरीवाल को हराने के लिए आए थे, जिससे बीजेपी और कांग्रेस दोनों को लाभ हुआ।”
वोट कटवाने और फर्जी वोटों का आरोप
सौरभ ने आगे आरोप लगाया कि नई दिल्ली विधानसभा में हजारों वोट कटवाए गए और फर्जी वोट जोड़े गए। AAP ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई और प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार संदीप दीक्षित और पार्टी ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई। भारद्वाज ने कहा कि यह वही मुद्दा है, जिस पर राहुल गांधी ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, लेकिन दिसंबर से ही AAP इसकी बात कर रही थी।
AAP का दावा और कांग्रेस की चुप्पी
AAP का कहना है कि कांग्रेस के इन कार्यों ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया और पार्टी ने इसे रोकने के लिए आवाज उठाई, लेकिन दिल्ली पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस का कोई भी नेता इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। इस आरोप ने दिल्ली चुनाव की राजनीतिक पेचिदगियों और गठबंधनों पर नई बहस को जन्म दे दिया है।














