नई दिल्ली। केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच लंबे समय तक चली बातचीत के बाद छात्र आंदोलन को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बन गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभदास ने सरकार के साथ हुई बैठक के बाद घोषणा की कि उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक सहमति बनने के बाद संगठन ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला किया है। उन्होंने देशभर से आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील करते हुए कहा कि अब आगे की प्रक्रिया बातचीत और सुधारों के जरिए आगे बढ़ाई जाएगी।
NEET प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे पर बनी सहमति
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन ने सरकार के सामने नीट परीक्षा धांधली और पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम के कारण जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिवारों को ₹1 करोड़ के मुआवजे की मांग रखी थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर सकारात्मक रुख अपनाया है और आश्वासन दिया है कि मौजूदा नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक आर्थिक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सौंपा 5-सूत्रीय मांग पत्र
सीजेपी ने स्पष्ट किया कि बातचीत केवल मुआवजे के मुद्दे तक सीमित नहीं रही। संगठन ने सरकार के समक्ष शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव के उद्देश्य से एक विस्तृत 5-सूत्रीय मांग पत्र भी प्रस्तुत किया। इस मांग पत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ाने, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने, जवाबदेही तय करने और शिक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक सुधार लागू करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव शामिल किए गए हैं। संगठन का कहना है कि इन सुधारों के माध्यम से छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत किया जा सकता है।
चार सप्ताह बाद फिर होगी सरकार के साथ बैठक
सीजेपी के प्रतिनिधियों ने बताया कि शिक्षा सुधारों के रोडमैप पर आगे चर्चा करने और प्रस्तावित बदलावों को अंतिम रूप देने के लिए लगभग चार सप्ताह बाद सरकार और संगठन के बीच एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस दौरान दोनों पक्ष विभिन्न सुझावों पर विस्तार से विचार करेंगे और सुधारों को लागू करने की दिशा में साझा कार्ययोजना तैयार करने का प्रयास करेंगे।
मांगें पूरी होने पर आंदोलन वापस लेने की घोषणा
राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने कहा कि सरकार ने संगठन की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 5-सूत्रीय मांग पत्र के सभी बिंदुओं पर सहमति के अनुरूप कार्रवाई आगे बढ़ती है, तो जंतर-मंतर सहित देशभर में चल रहे आंदोलन को औपचारिक रूप से समाप्त माना जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन अब शिक्षा सुधारों की प्रक्रिया पर नजर बनाए रखेगा और सरकार के साथ संवाद जारी रहेगा।
शिक्षा सुधारों को लेकर बढ़ी नई उम्मीद
सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बनी इस सहमति के बाद लंबे समय से जारी आंदोलन के शांतिपूर्ण निष्कर्ष की उम्मीद बढ़ गई है। साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों को लेकर भी नई चर्चा शुरू हो गई है। अब सभी की निगाहें आगामी बैठक और सरकार की ओर से प्रस्तावित सुधारों पर उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं।













