नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आंदोलन की सफलता पर खुशी जताई, लेकिन साथ ही समर्थकों से अपील की कि इस पूरे संघर्ष का श्रेय किसी एक व्यक्ति को न दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह जीत किसी एक नेता की नहीं, बल्कि देश के संविधान, लोकतंत्र और लाखों छात्रों के सामूहिक संघर्ष की है।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा, "मैं आप सभी से एक बहुत महत्वपूर्ण बात कहना चाहता हूं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मुझे हीरो मत बनाइए। कृपया यह गलती मत कीजिए। किसी एक व्यक्ति को नायक बनाना ठीक नहीं है।" उन्होंने कहा कि देश पहले भी ऐसी सोच का परिणाम भुगत चुका है, इसलिए इस आंदोलन को किसी एक चेहरे तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि जब किसी एक इंसान को संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऊपर रख दिया जाता है, तब लोकतंत्र कमजोर होने लगता है। उनके अनुसार किसी भी व्यक्ति को संविधान से बड़ा मानने की प्रवृत्ति अंततः देश के लिए नुकसानदायक साबित होती है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि इस आंदोलन की असली ताकत जनता की एकजुटता और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास है, इसलिए किसी भी व्यक्ति का महिमामंडन करने के बजाय लोकतंत्र और संविधान का सम्मान किया जाना चाहिए।
अभिजीत दिपके ने कहा कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज को आखिरकार सुना गया। उन्होंने कहा कि "भारत माता की जय" के नारे लगने चाहिए, क्योंकि यह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं बल्कि पूरे देश की जीत है। उन्होंने कहा कि यह भारत के संविधान की जीत, देश की जनता की जीत और तानाशाही सोच की हार है। उनके इस बयान पर जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने जोरदार समर्थन व्यक्त किया।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे पर क्या कहा?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया। यह फैसला NEET पेपर लीक मामले को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच सामने आया। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को सौंप दिया है।
उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि पिछले दस दिनों के घटनाक्रम ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से काफी दुख पहुंचाया है। उनके अनुसार यह मामला केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े व्यापक विश्वास का विषय है। उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही उन्होंने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की और पूरे घटनाक्रम के दौरान कभी भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटे।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) लगातार परीक्षा प्रणाली में सुधार, NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन चला रही थी। मंत्री का इस्तीफा संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल था। अपने बयान में प्रधान ने यह भी कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका हमेशा यह विश्वास रहा है कि मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही एक सशक्त राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव होती है।
अभिजीत दिपके की मां ने बेटे पर जताया गर्व
अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज उन्हें अपने बेटे पर बेहद गर्व महसूस हो रहा है। हालांकि आंदोलन के दौरान उन्हें लगातार उसके लिए डर लगा रहता था, क्योंकि उसके साथ मारपीट की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने कहा कि हर दिन उनके मन में यही चिंता बनी रहती थी कि आगे उसके साथ क्या होगा।
अनीता दिपके ने बताया कि जब उन्होंने अपने बेटे के साथ धक्का-मुक्की और थप्पड़ मारने की घटनाओं की खबरें देखीं तो उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा। उन्होंने कहा कि कई रातों तक उन्हें नींद नहीं आई और सुबह तीन-चार बजे तक जागती रहती थीं। इस दौरान उनका खाना-पीना भी लगभग छूट गया था। उन्होंने कहा कि 7 जून से घर का माहौल पूरी तरह बदल गया था और किसी भी काम में मन नहीं लगता था।
उन्होंने आगे कहा कि इतनी कम उम्र में उनके बेटे ने जिस तरह का संघर्ष किया और जिस लक्ष्य के लिए आवाज उठाई, वह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। अनीता दिपके ने कहा कि अभिजीत अभी बहुत युवा है, लेकिन उसने जिस साहस और दृढ़ता के साथ इस आंदोलन का नेतृत्व किया, उससे उन्हें बेहद गर्व महसूस होता है। उन्होंने कहा कि एक मां के रूप में यह पल उनके लिए भावुक होने के साथ-साथ गर्व का भी है।













