कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से उनकी लगातार चल रही भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि वांगचुक की सेहत लगातार चिंता का विषय बनती जा रही है और देश को उनकी आवश्यकता है। साथ ही दीपके ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि वांगचुक अनशन खत्म कर देते हैं, तब भी जंतर-मंतर पर आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए अपने संदेश में वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की और आंदोलन की आगे की रणनीति पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी स्थिति में अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगा। इसी बीच विपक्षी दलों के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल मेदांता अस्पताल पहुंचा, जहां उन्होंने वांगचुक से मुलाकात कर उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की।
'25 दिन का अनशन अब स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा'
दीपके ने अपने संदेश में कहा, "हम सोनम वांगचुक सर से अनुरोध करते हैं कि वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दें। देश को उनकी जरूरत है और उनकी जान किसी भी आंदोलन से अधिक मूल्यवान है। जंतर-मंतर पर हमारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती।"
उन्होंने आगे कहा कि वांगचुक के अनशन का यह 25वां दिन है और इतने लंबे समय तक भोजन न करने की वजह से उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा, "मैं नहीं चाहता कि सोनम सर के साथ कोई अनहोनी हो। इसलिए मैं उनसे एक बार फिर आग्रह करता हूं कि वे अपना अनशन समाप्त करें। मुझे पूरा विश्वास है कि अगर वे अनशन तोड़ भी देते हैं, तब भी हम आंदोलन जारी रखेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित अपनी सभी मांगों को पूरा करवाने तक पीछे नहीं हटेंगे।"
गांधी और अंबेडकर के रास्ते पर शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा
अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों से भी संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि नहीं की जाएगी जिससे आंदोलन या देश की छवि को नुकसान पहुंचे।
उन्होंने कहा, "हमारा विरोध महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए रास्ते पर आगे बढ़ेगा। मैं सभी समर्थकों से अपील करता हूं कि वे शांति बनाए रखें और अनुशासन के साथ आंदोलन का हिस्सा बनें। एक बार फिर मैं सोनम सर से अनुरोध करता हूं कि वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त करें। आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते।"
हाई कोर्ट में आज होगी याचिका पर सुनवाई
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई होनी है। याचिका में जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान पुलिस की कार्रवाई की जांच कराने और नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
इससे पहले सोनम वांगचुक ने कहा था कि यदि सांसद और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उन्हें यह भरोसा दिलाते हैं कि शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और सुधार से जुड़े मुद्दे संसद के मानसून सत्र में उठाए जाएंगे, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के बाद उन्होंने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया।
मेदांता अस्पताल में चल रहा है इलाज
सोनम वांगचुक ने 28 जून को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में हिस्सा लेते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। यह आंदोलन उन छात्रों के समर्थन में किया जा रहा है, जो परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है और डॉक्टर लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं।













