
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही सीट बंटवारे की सियासत में अब राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLSP) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा का मूड बदलता नजर आ रहा है। लंबे समय से नाराज चल रहे कुशवाहा को अब NDA ने मनाने में सफलता हासिल कर ली है। सूत्रों के अनुसार, उन्हें विधान परिषद (MLC) की एक सीट देने पर सहमति बन गई है। इस बीच, भाजपा नेताओं मंगल पांडे, सम्राट चौधरी और जनक राम की सीटें खाली हो रही हैं क्योंकि तीनों विधानसभा चुनाव मैदान में उतरने वाले हैं। बताया जा रहा है कि महुआ सीट चिराग पासवान के खाते में जाने से कुशवाहा नाराज थे।
दिल्ली में बैठकों का दौर, अमित शाह से की मुलाकात
सूत्रों के मुताबिक, उपेंद्र कुशवाहा इन दिनों दिल्ली में हैं, जहां उन्होंने पहले गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद वे भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से भी मिले। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कुशवाहा ने कहा, “गठबंधन के भीतर जो भी मतभेद या असमंजस थे, उन पर गृह मंत्री अमित शाह से विस्तार से चर्चा हुई है। सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है। अब NDA में सबकुछ ठीक है।”
कुशवाहा का यह बयान स्पष्ट संकेत देता है कि एनडीए में चल रही खींचतान फिलहाल शांत हो गई है और मतभेदों पर सहमति बन चुकी है।
“नथिंग इज वेल इन एनडीए” वाले बयान से मचा था बवाल
कुछ दिन पहले ही कुशवाहा ने बड़ा बयान देकर सियासी हलचल तेज कर दी थी। उन्होंने कहा था – “नथिंग इज वेल इन एनडीए”, यानी एनडीए में सब ठीक नहीं है। इसके बाद उन्होंने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आपात बैठक बुलाने की घोषणा भी की थी, जिसमें एनडीए में अपनी पार्टी की भविष्य की भूमिका पर चर्चा की जानी थी। हालांकि, दिल्ली बुलाए जाने के कारण उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बैठक को तत्काल स्थगित करने की घोषणा कर दी।
NDA का सीट बंटवारा फॉर्मूला
एनडीए के भीतर सीट बंटवारे को लेकर जो फॉर्मूला तय हुआ है, उसके अनुसार —
भारतीय जनता पार्टी (BJP): 101 सीटें
जनता दल यूनाइटेड (JDU): 101 सीटें
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास): 29 सीटें
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो): 6-6 सीटें
इस बंटवारे के बाद NDA के घटक दलों में फिर से एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस ने बढ़ाया स्वागत का न्योता
उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी की खबरों के बीच कांग्रेस ने भी उन्हें अपने पाले में लाने की कोशिश की। कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने बयान दिया, “उपेंद्र कुशवाहा का महागठबंधन में स्वागत है। उनके आने से विपक्ष और भी मजबूत होगा।”
गौरतलब है कि कुशवाहा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस का यह बयान संकेत देता है कि विपक्ष भी उन्हें NDA से खींचने की कोशिश में है।
सियासी समीकरण अब स्थिर
हालांकि, अब MLC सीट की पेशकश के बाद कुशवाहा का रुख नरम पड़ गया है। दिल्ली में बैठकों के बाद उनके ताजा बयान से यह साफ है कि वे अब NDA में बने रहेंगे। बिहार चुनाव से पहले NDA के भीतर उपजी यह हलचल अब ठंडी पड़ती दिख रही है, और गठबंधन एक बार फिर एकजुट होकर चुनावी रण में उतरने की तैयारी कर रहा है।














