
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया है। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया में कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम (सीजफायर) कराया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने दरभंगा में एक चुनावी सभा में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति से डरते हैं और भारत के सम्मान की रक्षा नहीं कर पाए।
राहुल गांधी बोले — “ट्रंप कर रहे हैं मोदी का अपमान”
राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार अलग-अलग मंचों से प्रधानमंत्री मोदी का अपमान कर रहे हैं, लेकिन मोदी जी ने एक बार भी इसका जवाब देने की हिम्मत नहीं दिखाई। उन्होंने कहा, “ट्रंप ने खुद कहा कि उन्होंने व्यापार को हथियार बनाकर पीएम मोदी पर दबाव डाला ताकि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोका जा सके। उन्होंने दावा किया कि 7 विमान गिराए गए और 50 बार कहा कि मोदी को डराकर कार्रवाई रुकवाई गई। लेकिन प्रधानमंत्री चुप रहे — एक शब्द तक नहीं बोले।”
राहुल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “जिस नेता में देश के सम्मान की रक्षा की ताकत न हो, वह बिहार जैसे राज्य को विकास की दिशा कैसे दे सकता है?”
इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए दिया पीएम को चैलेंज
राहुल गांधी ने अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा, “1971 की जंग के दौरान इंदिरा जी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को साफ कहा था — ‘भारत किसी से नहीं डरता।’ यही होती है असली नेतृत्व क्षमता। लेकिन आज के प्रधानमंत्री बार-बार ट्रंप की टिप्पणियों पर भी चुप हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “ट्रंप ने हमारी सेना और वायुसेना के साहस पर सवाल उठाया, पर पीएम मोदी ने एक बार भी यह नहीं कहा कि यह सब झूठ है। मैं मोदी जी को सीधा चैलेंज करता हूं — अगर उनमें हिम्मत है तो बिहार में आकर कहें कि ट्रंप झूठ बोल रहा है। लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाएंगे।”
ट्रंप ने क्या कहा था भारत-पाक संघर्ष पर?
डोनाल्ड ट्रंप बुधवार (29 अक्तूबर 2025) को दक्षिण कोरिया दौरे के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का जिक्र कर रहे थे। अपने भाषण में उन्होंने दावा किया, “जब दोनों देश युद्ध के मुहाने पर थे, तब मैंने हस्तक्षेप किया और सीजफायर कराया। दोनों ने शुरू में मना किया, तब मैंने 250% टैरिफ लगाने की धमकी दी। उसके बाद वे मान गए।”
इस बयान के बाद भारतीय राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। विपक्ष का कहना है कि यह भारत की संप्रभुता पर सीधा प्रहार है, जबकि सत्ताधारी दल ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।














