बिहार की सियासत में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं ने अपनी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया है, जिसके बाद अब वे सरकारी सुरक्षा घेरे के बिना रहेंगे।
इस फैसले की खबर सामने आते ही राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। लालू यादव और राबड़ी देवी लंबे समय से राज्य की राजनीति के प्रमुख चेहरे रहे हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा व्यवस्था में हुए इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कर्मियों की वापसी के बाद दोनों नेता अब पहले की तरह सरकारी सुरक्षा सुविधा का लाभ नहीं लेंगे।
गृह विभाग ने जारी किया नया आदेश
दरअसल, बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को दी गई ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का निर्णय लिया है। राज्य के गृह विभाग की ओर से 5 जून को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया।
गृह विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोनों नेताओं को प्रदान की गई ‘जेड प्लस’ सुरक्षा व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। यह फैसला राज्य सुरक्षा समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। सरकार के इस कदम के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
राज्य सुरक्षा समिति की बैठक के बाद लिया गया फैसला
सरकारी सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा श्रेणियों की समीक्षा को लेकर राज्य सुरक्षा समिति की बैठक 4 जून को आयोजित की गई थी। इसी बैठक में विभिन्न नेताओं और जनप्रतिनिधियों को प्रदान की गई सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया गया। समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा श्रेणी समाप्त करने का निर्णय लिया।
इस फैसले के बाद दोनों नेताओं की सुरक्षा में तैनात कर्मियों को वापस बुला लिया गया है। हालांकि इस निर्णय को लेकर राजनीतिक दलों के बीच चर्चा का दौर जारी है और इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में भी हुआ बदलाव
लालू परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। गृह विभाग के आदेश के अनुसार, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के बड़े बेटे तथा पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को दी गई ‘वाई’ श्रेणी की सुरक्षा भी वापस ले ली गई है।
हालांकि पूर्व विधायक होने के नाते उन्हें एक व्यक्तिगत अंगरक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। यानी पहले की तुलना में उनकी सुरक्षा व्यवस्था सीमित कर दी गई है, लेकिन उन्हें न्यूनतम सुरक्षा कवच मिलता रहेगा।
मीसा भारती और राजश्री यादव की सुरक्षा रहेगी बरकरार
वहीं लालू परिवार के कुछ सदस्यों की सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नए आदेश के अनुसार राजद सांसद और लालू यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती को वर्तमान सुरक्षा सुविधा मिलती रहेगी। सांसद होने के कारण उन्हें तीन अंगरक्षकों का सुरक्षा घेरा पूर्ववत उपलब्ध रहेगा।
इसके अलावा बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव की सुरक्षा भी यथावत रखी गई है। उन्हें पहले की तरह एक महिला अंगरक्षक की सुविधा मिलती रहेगी। गृह विभाग के इस आदेश के बाद लालू परिवार के विभिन्न सदस्यों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है।
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा वापसी का यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। ऐसे में इस घटनाक्रम को केवल सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा प्रशासनिक निर्णय ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।













