IRCTC होटल टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार के लिए गुरुवार, 10 सितंबर 2026 का दिन अहम रहा। राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव और पत्नी राबड़ी देवी समेत कुल नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। कोर्ट के इस आदेश के साथ मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही का रास्ता खुल गया है।
इस मामले में लालू परिवार के अलावा सरला गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स और सुजाता होटल्स समेत अन्य आरोपी भी शामिल हैं। मामला IRCTC के होटल टेंडर से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। कोर्ट ने सभी संबंधित आरोपियों के खिलाफ मामले में आरोप तय करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने सात आरोपियों को किया आरोपमुक्त
इसी मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने सात आरोपियों को आरोपमुक्त भी कर दिया। यानी अदालत को इन सात आरोपियों के खिलाफ आगे मुकदमा चलाने के लिए आरोप तय करने का आधार नहीं मिला।
अदालत ने जांच को लेकर भी एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं लगता कि लालू प्रसाद यादव के खिलाफ जांच राजनीति से प्रभावित थी। इसके साथ ही अदालत ने लारा प्रोजेक्ट्स को हुए लाभ का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से इस कंपनी को फायदा पहुंचा, उससे लालू यादव की भूमिका पर संदेह पैदा होता है।
लारा प्रोजेक्ट्स को हुए लाभ पर कोर्ट की टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान लारा प्रोजेक्ट्स को हुए कथित लाभ को अदालत ने लालू यादव की भूमिका से जोड़कर देखा। कोर्ट के मुताबिक, कंपनी को जिस तरीके से फायदा मिला, वह लालू यादव की भूमिका को लेकर संदेह पैदा करने वाला पहलू है।
हालांकि, अदालत की ओर से कही गई इन बातों को मामले में आरोप और न्यायिक टिप्पणी के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। आरोप तय होने का मतलब यह नहीं है कि आरोप साबित हो चुके हैं। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
3 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 3 अक्टूबर को सूचीबद्ध किया है। अब इस तारीख पर मामले की अगली कानूनी कार्यवाही होगी।
इस तरह IRCTC होटल टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक तरफ लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं, वहीं सात आरोपियों को अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया है। मामले में अब आगे की सुनवाई अदालत में होगी।














