
देश की आज़ादी के 78 साल बाद बिहार की राजधानी पटना ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने जा रहा है। आज, 24 सितंबर 2025 को, कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक पहली बार सदाकत आश्रम, पटना में आयोजित की जा रही है। कांग्रेस के लिए यह सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि पार्टी की रणनीतिक दिशा तय करने वाला एक अहम पड़ाव है — वो भी उस धरती पर, जहां आज़ादी से पहले कांग्रेस ने 1912 में पटना और 1922 में गया में अधिवेशन आयोजित किए थे।
राहुल और सोनिया गांधी रवाना, खड़गे पहले ही पटना पहुंचे
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी आज सुबह दिल्ली से पटना के लिए रवाना हो गए हैं। दोनों नेता अपने निवास से IGI एयरपोर्ट के लिए सुबह 8:44 बजे निकले और वहां से विशेष विमान के जरिए पटना के लिए उड़ान भरी। उनके सुबह 9 बजे तक पटना एयरपोर्ट पहुंचने और सीधे सदाकत आश्रम जाने की संभावना है।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मंगलवार की रात ही पटना पहुंच गए थे, ताकि बैठक से पहले की तैयारियों और नेताओं से मुलाकात सुनिश्चित हो सके।
#WATCH दिल्ली: लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी अपने आवास से IGI हवाई अड्डे के लिए रवाना हुए, वहां से वे पटना जाएंगे, जहां आज कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक होगी। pic.twitter.com/iS6S71pW3F
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 24, 2025
कौन-कौन होंगे शामिल?
आज की इस ऐतिहासिक बैठक में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता हिस्सा ले रहे हैं। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेत्री सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एस. सिद्धारमैया, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल प्रमुख रूप से शामिल होंगे। इनके अलावा सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता, फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठ नेता भी इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेंगे।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
कांग्रेस की इस वर्किंग कमेटी बैठक में देश में लोकतंत्र पर खतरा, संविधान की रक्षा, रोजगार, आरक्षण, और सबसे अहम वोट चोरी जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि बैठक में SIR (संविधान, इंसाफ, रोजगार) को मुख्य फोकस बनाया जाएगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि, "देश में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। वोटों की चोरी हो रही है और आम जनता के अधिकार छीने जा रहे हैं। कांग्रेस इस लड़ाई में सबसे आगे खड़ी है और यह बैठक इसी संघर्ष को और धार देगी।"
ऐतिहासिक संदर्भ
बिहार में आजादी से पहले दो ऐतिहासिक कांग्रेस अधिवेशन हुए थे — एक 1912 में पटना और दूसरा 1922 में गया में। लेकिन आजादी के बाद सदाकत आश्रम पहली बार कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक की मेज़बानी कर रहा है। यह वही आश्रम है, जहां स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े कई बड़े नेताओं की उपस्थिति दर्ज की गई थी और जो कांग्रेस की विरासत का अहम हिस्सा रहा है।














