
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए में सीट बंटवारे की चर्चाएँ तेज हैं। पिछले कुछ दिनों से खबरें थीं कि चिराग पासवान और उनकी पार्टी एलजेपी 40 से कम सीटों पर संतुष्ट नहीं होंगे। लेकिन अब सूत्रों का दावा है कि चिराग 25 सीटों पर समझौता करने को तैयार हो सकते हैं। इसके बदले उन्हें भाजपा से केंद्र और बिहार सरकार में महत्वपूर्ण पदों और मंत्रालयों का भरोसा मिला है। इसके अलावा पार्टी को एक राज्यसभा सीट की पेशकश भी की जा सकती है। भाजपा की ओर से यह भरोसा मिलने के बाद ही चिराग पासवान 25 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो सकते हैं।
चिराग के हालिया बयानों से भी इस दिशा के संकेत मिलते हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए में सब कुछ अच्छा चल रहा है और जल्द ही सीट बंटवारे को लेकर औपचारिक घोषणा की जाएगी। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि 25 सीटों पर एलजेपी की सहमति लगभग तय है। गुरुवार को भाजपा और एलजेपी के नेताओं की बैठक हुई, जिसमें नित्यानंद राय और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। बैठक के बाद चिराग ने कहा कि सब कुछ अच्छे क्रम में है और चीजें फाइनल स्टेज पर हैं।
बिहार में मतदान की तारीखें 6 और 11 नवंबर तय हैं। भाजपा चाहती है कि उसके उम्मीदवारों को कम से कम 20 दिनों का समय मिल सके, ताकि वे प्रभावी चुनावी प्रचार कर सकें। इसी वजह से गठबंधन में सीट बंटवारे पर जल्दी सहमति बनाना ज़रूरी था। पार्टी गठबंधन के सहयोगी जैसे जीतनराम मांझी और चिराग पासवान को संतुष्ट करने में भी व्यस्त है। वहीं, महागठबंधन में आरजेडी और कांग्रेस के बीच भी सीट बंटवारे को लेकर तनाव देखा जा रहा है।
चिराग पासवान का कहना है कि उनका स्ट्राइक रेट पिछले लोकसभा चुनाव में काफी अच्छा रहा है, इसलिए उन्हें ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए। राजनीतिक सूत्रों का यह भी कहना है कि चिराग पासवान की मुख्यमंत्री पद की आकांक्षा बनी हुई है और इसी वजह से उनकी सीटों और महत्व को लेकर चर्चा ज़्यादा चल रही है।














