
पटना के बिहटा क्षेत्र में शनिवार को एक भयानक सड़क हादसा हुआ। यात्रियों से भरी ऑटो और भारी ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में ऑटो में सवार 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। मृतक सभी आरा के निवासी बताए जा रहे हैं और वे मनेर में आयोजित उर्स मेला देखने के बाद घर लौट रहे थे।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया और आगे की जांच शुरू कर दी। घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए ट्रक ड्राइवर और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी चिंता जता रहे हैं।
हादसा शनिवार को हुआ
जानकारी के अनुसार, बिहटा थाना क्षेत्र में यह कोई पहला गंभीर सड़क हादसा नहीं है। इसी सप्ताह, नो एंट्री रोड पर बालू से भरे हाइवा ट्रक ने पहले एक बाइक सवार को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद ट्रक चालक भागने की कोशिश कर रहा था कि इसी क्रम में दानापुर के DSP 2 अमरेंद्र कुमार झा की गाड़ी से टकरा गया।
DSP अमरेंद्र कुमार झा आईआईटी पटना जा रहे थे। टक्कर में DSP और उनके बॉडीगार्ड की जान बाल-बाल बची, लेकिन गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
पुलिस पर मिलीभगत और नो एंट्री रोड पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय निवासी रणवीर कुमार ने हादसे के लिए यातायात पुलिस की लापरवाही और मिलीभगत को जिम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार, पुलिस ट्रकों को नो एंट्री रोड पर प्रवेश कराने के लिए 300 से 500 रुपये वसूल रही थी। यही भ्रष्टाचार और लापरवाही इस दर्दनाक हादसे का मुख्य कारण बनी।
बालू लदे ट्रक को किया जब्त, आगे की जांच जारी
हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने बालू से भरे ट्रक को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर नाराज हैं और यातायात पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।












