
बिहार में अगले कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं। राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं, वहीं गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है। इस बीच, चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) को लेकर कहा जा रहा था कि वे इस बार एनडीए से लगभग 50 सीटों की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इन अटकलों पर पहली बार खुद चिराग पासवान ने अपना दृष्टिकोण साझा किया है।
चिराग पासवान ने इंटरव्यू में साफ किया
एनडीटीवी को दिए गए एक इंटरव्यू में चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि “मुझे नहीं पता कि मैं 40 से ज्यादा सीटें मांग रहा हूं या 50 से कम। ये सब बातें केवल अटकलें हैं, इनमें कोई सच्चाई नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा गठबंधन की मर्यादा का पालन किया है। यही कारण है कि छह चुनावों में सक्रिय रहते हुए भी उन्होंने कभी सीटों को लेकर सार्वजनिक बयान नहीं दिया। उनका कहना था कि जब तक गठबंधन के अंदर कोई निर्णय अंतिम रूप न ले, तब तक सार्वजनिक चर्चा उचित नहीं है।
सीटों को लेकरक्योंउठीं अटकलें?
बिहार में हाल ही में टीवी9 डिजिटल के एक कार्यक्रम के दौरान अरुण भारती ने अधिक सीटों की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि “जब दो सीटें जीतने वाले को 12 सीटें दी जा सकती हैं, तो उनके लिए ज्यादा सीटें क्यों नहीं दी जा सकती?” इसी बयान ने राजनीतिक गलियारों में बहस को हवा दी और अटकलों का सिलसिला शुरू हो गया।
2024 के लोकसभा चुनाव में चिराग पासवान की एलजेपी ने पांच सीटें जीतकर अपने गठबंधन को मजबूत किया था। इसी वजह से पार्टी के नेताओं का दावा है कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में भी पर्याप्त सीटें मिलनी चाहिए।
विधानसभा चुनाव की संभावित तारीखें
बिहार विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल नवंबर महीने तक है, और यह स्पष्ट है कि विधानसभा चुनावों की घोषणा उसके पहले की जाएगी। हालांकि, चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक कोई औपचारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले महीनों में सियासी गतिविधियां और भी तेज हो जाएंगी और सीटों के बंटवारे पर चर्चाएं बढ़ेंगी।














