
बिहार के रोहतास जिले में शुक्रवार, 26 दिसंबर को हुए रोपवे हादसे ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। इस मामले में प्रमुख विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक्स पोस्ट (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजद का कहना है कि यह हादसा भाजपा-नीतीश सरकार की कथित कमीशनखोरी का परिणाम है।
राजद का तीखा हमला
राजद के ऑफिशियल एक्स हैंडल से जारी पोस्ट में लिखा गया, “भाजपा नीतीश सरकार की कमीशनखोरी की भेंट चढ़ा एक और परियोजना। रोहतास में नया रोपवे हुआ ध्वस्त।” पार्टी ने आगे कहा, “ट्रायल रन में ही करोड़ों स्वाहा। 1 जनवरी को आम जनता के लिए इसे खोला जाना था, लेकिन ईश्वर ने सरकार में बैठे भ्रष्ट भूखे भेड़ियों से सैकड़ों मासूम जानों को बचा लिया।”
हादसे की घटना और कारण
हादसा रोहतासगढ़ किला और रोहितेश्वर धाम को जोड़ने वाले नवनिर्मित रोपवे के परीक्षण के दौरान हुआ। परीक्षण के दौरान चार ट्रॉलियों और एक टावर को क्षति पहुंची। हालांकि, किसी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, जो एक बड़ी राहत बनी।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
इस हादसे के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण के समय रोपवे का एक टावर क्षतिग्रस्त हो गया। चार ट्रॉलियों को भी नुकसान पहुंचा। मौके पर मौजूद मजदूरों ने समय रहते सावधानी बरतकर खुद को सुरक्षित बचा लिया।
सुरक्षा के बाद ही खुलेगा रोपवे
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के वरिष्ठ अभियंता खुर्शीद करीम ने कहा कि हादसे की जांच के लिए कोलकाता से विशेषज्ञों की टीम आ रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक सभी परीक्षण सफल नहीं होते और अधिकारियों को पूरी तरह संतोषजनक रिपोर्ट नहीं मिलती, तब तक रोपवे को आम जनता के लिए संचालित नहीं किया जाएगा।














