
बिहार विधानसभा चुनावों में जैसे-जैसे तारीखें करीब आ रही हैं, राजनीतिक माहौल और भी गर्माता जा रहा है। बुधवार (29 अक्टूबर) को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिहार के बांका जिले की कटोरिया, भागलपुर की नाथनगर और मधेपुरा की आलमनगर विधानसभा में जबरदस्त चुनावी प्रचार किया। हर सभा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, और उत्साह से लबरेज जनता ने “मोदी-मोहन जिंदाबाद” के नारों से माहौल गूंजा दिया।
“किसानों और बहनों के सम्मान की राजनीति करती है NDA”
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “बिहार ने आज अद्भुत प्रगति की है। लेकिन कांग्रेस की सरकारों ने कभी किसानों की सुध नहीं ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार किसानों के सम्मान की बात की और ‘किसान सम्मान निधि’ योजना के तहत बिहार के 74 लाख किसानों को सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है।” उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार ने बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए भी 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी है, जिससे हर परिवार में खुशहाली आई है।
प्रत्याशियों के लिए मांगा जनसमर्थन
सीएम मोहन यादव ने कटोरिया से एनडीए प्रत्याशी पूरन लाल, नाथनगर से मिथुन यादव और आलमनगर से नरेंद्र नारायण के लिए जनता से वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा, “पूरन लाल पूरनमासी के चांद की तरह बिहार के विकास को रोशन करेंगे। NDA की जीत ही बिहार की उन्नति की गारंटी है।”
“हर वर्ग को आगे बढ़ने का मौका देती है भाजपा”
मोहन यादव ने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा, “मैं एक साधारण किसान परिवार से हूं, न घर में कोई सांसद था, न मंत्री। लेकिन भाजपा ने एक आम यादव परिवार के बेटे को मुख्यमंत्री बना दिया। यही पार्टी की असली ताकत है — जाति नहीं, योग्यता देखती है।” उन्होंने कहा कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ हर व्यक्ति को आगे बढ़ाने का काम करती है।
“धार्मिक स्थलों के पुनर्जागरण से बढ़ रहा है भारत का गौरव”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपने आध्यात्मिक पुनर्जागरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “कभी कोई सोच भी नहीं सकता था कि श्रीराम और श्रीकृष्ण के देश में उन्हीं के अस्तित्व पर सवाल उठाए जाएंगे। कांग्रेस ने तो अदालतों में शपथपत्र देकर भगवान राम के जन्म पर भी सवाल किए। लेकिन आज मोदी जी ने अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर बनवाकर देश का गौरव बढ़ाया है।”
मोहन यादव ने यह भी कहा कि बिहार की धरती माता सीता की जन्मभूमि रही है और मोदी सरकार इस स्थान को भी एक भव्य तीर्थ स्थल के रूप में विकसित कर रही है — “जहां कांग्रेस की सरकारें वर्षों तक रहीं, वहां किसी ने इसे साकार करने की सोची तक नहीं।”
“देश बदल रहा है, बिहार भी आगे बढ़ रहा है”
नाथनगर की सभा में मोहन यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है। 2005 के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने भी विकास की नई दिशा पकड़ी है। प्राचीन काल का अंग प्रदेश आज आधुनिक बिहार के रूप में उभर रहा है।” उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकाल लोक जैसे धार्मिक स्थलों का कायाकल्प हुआ है — “सालभर में 7 करोड़ श्रद्धालु महाकाल लोक पहुंचते हैं। यही सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की असली ताकत है।”
“तीसरी बार NDA सरकार जरूरी”
आलमनगर की सभा में मोहन यादव ने जनता से अपील की — “नीतीश कुमार के नेतृत्व में तीसरी बार NDA सरकार बनना जरूरी है ताकि बिहार विकास की मुख्यधारा में बना रहे। प्रधानमंत्री मोदी बिहार के विकास के लिए कभी संसाधनों की कमी नहीं होने देते।”
“बिहार की धरती सदैव पूजनीय रही है”
उन्होंने कहा कि इस बार की छठ पूजा ने देश ही नहीं, विदेशों में भी सनातन संस्कृति का डंका बजाया। “माताएं-बहनें उपवास रखकर अपने परिवार की लंबी उम्र की कामना करती हैं। यही हमारी संस्कृति की आत्मा है, जो पीढ़ियों से जीवित है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “बिहार भगवान बुद्ध, महावीर स्वामी, और भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र सांब की भूमि रही है। यह धरती न सिर्फ धार्मिक रूप से समृद्ध है बल्कि हमारी पहचान का प्रतीक भी है।”
“राम और कृष्ण के आदर्श आज भी प्रासंगिक”
अंत में उन्होंने कहा, “भगवान श्रीराम ने सिखाया कि भाई, पति, पिता और पुत्र का रिश्ता कैसा होना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने दिखाया कि कठिनाइयों के बीच भी मुस्कुराना और सच्ची मित्रता निभाना क्या होता है। हमारी सरकार उन सभी स्थानों को तीर्थस्थल बनाएगी जिनका संबंध श्रीकृष्ण से रहा है।”














