
बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार की धरती नालंदा से बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ सामान्य रहा, तो अगली बार बिहार में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में संपन्न कराया जाएगा। शाह ने याद दिलाया कि लालू-राबड़ी सरकार के समय खराब कानून-व्यवस्था के कारण छह चरणों में चुनाव कराना पड़ता था।
नालंदा रैली में एनडीए की उपलब्धियों का बखान
खगड़िया और मुंगेर की रैलियों के बाद अमित शाह नालंदा पहुंचे और यहां विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने राजद सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि लॉ एंड ऑर्डर बिहार की बड़ी समस्या थी। लालू राज में चुनाव छह चरणों में होते थे, जबकि एनडीए की सरकार बनने के बाद यह संख्या तीन चरणों तक पहुंच गई। इस बार मतदान 6 और 12 नवंबर को दो चरणों में होगा। शाह ने उपस्थित लोगों से कहा कि “आप सब मिलकर एनडीए की सरकार बनाएँ, अगली बार पूरे बिहार में चुनाव एक ही चरण में संपन्न कराया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की जोड़ी ने मिलकर नक्सलवाद को समाप्त किया। इस बार गया, औरंगाबाद और शाहाबाद में भी मतदान समय को बढ़ाकर शाम पांच बजे तक किया गया है। उन्होंने बताया कि अपराधग्रस्त बिहार को नीतीश कुमार की सरकार ने सुरक्षित और विकासशील प्रदेश बनाया।
नालंदा की ऐतिहासिक घटनाओं की याद दिलाई
अमित शाह ने कहा कि इसी नालंदा में 1998 में दंगे हुए थे, जिनमें निर्दोष लोग मारे गए, धार्मिक स्थल और दुकानों में आग लगाई गई। उन्होंने तेजस्वी यादव को आड़े हाथों लिया और कहा कि “लालू जी के बेटे कानून व्यवस्था की बातें करते हैं, लेकिन 2005 की तुलना में 2024 में अपराध में कितनी कमी आई है, यह समझना जरूरी है।”
राष्ट्रीय सुरक्षा में मोदी सरकार की भूमिका
अमित शाह ने मोदी सरकार की नक्सलवाद और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने न सिर्फ बिहार से नक्सलियों को खत्म किया, बल्कि कश्मीर के आतंकियों को भी कड़ा सबक सिखाया। उन्होंने याद दिलाया कि धारा 370 हटाने पर विपक्ष खून की नदियां बहने की धमकी दे रहा था, लेकिन किसी को भी एक पत्थर चलाने की हिम्मत नहीं हुई। शाह ने कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत कड़ा जवाब दिया गया और उनके ठिकानों पर जाकर कार्रवाई की गई।














