
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच राजनीतिक सरगर्मियां जोरों पर हैं। इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सीमांचल को लेकर ‘घुसपैठिया’ बयान ने नई बहस छेड़ दी। इस बयान पर AIMIM चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा तंज कसा है।
ओवैसी ने बीजेपी की नीतियों पर साधा निशाना
असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी बार-बार सीमांचल के मेहनतकश और शांतिप्रिय लोगों को ‘घुसपैठिया’ कहकर बदनाम करने की कोशिश करती है। उन्होंने ECISVEEP के आंकड़े साझा किए, जिनके मुताबिक सीमांचल में केवल 4 ऐसे मुस्लिम पाए गए जिनकी नागरिकता सत्यापित नहीं हो पाई। यह संख्या बीजेपी के बड़े दावों को चुनौती देती है।
अमित शाह के दावे का मजाक उड़ाया
ओवैसी ने अमित शाह के उस दावे का मजाक उड़ाया जिसमें उन्होंने मुस्लिम आबादी की वृद्धि को घुसपैठ से जोड़कर बताया। ओवैसी ने कहा कि अमित शाह को गणित का शिक्षक मिलना चाहिए। उन्होंने एनआरसी और एसआईआर प्रक्रियाओं को गरीब और आम नागरिकों के लिए उत्पीड़नकारी बताते हुए कहा कि ये प्रक्रियाएं घुसपैठ के दावों को साबित करने में पूरी तरह नाकाम रही हैं।
सीमांचल ज़िंदाबाद! खोदा पहाड़ और निकला क्या? सीमांचल के ग़ैय्यूर अवाम को बार-बार भाजपाई ‘घुसपैठिया’ वग़ैरह कहते रहे, लेकिन @ECISVEEP के आँकड़ों के मुताबिक़ सिर्फ़ चार ऐसे मुसलमान मिले जिनकी नागरिकता साबित नहीं हो पाई @AmitShah कहते थे कि मुसलमानों की आबादी घुसपैठ की वजह से बढ़ी… https://t.co/oo3MTIWTsT
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) October 13, 2025
सीमांचल की जनता को किया जागरूक
बिहार चुनाव को देखते हुए ओवैसी ने सीमांचल की जनता से अपील की कि वे बीजेपी की विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ एकजुट हों और गर्व के साथ मतदान करें। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अब सीमांचल के मतदाता घुसपैठ के दावों से ज्यादा विकास और सम्मान को प्राथमिकता दे रहे हैं।
ओवैसी का सोशल मीडिया पोस्ट
सोमवार, 13 अक्टूबर 2025 को ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा: "सीमांचल ज़िंदाबाद! खोदा पहाड़ और निकला क्या? सीमांचल के ग़ैय्यूर अवाम को बार-बार भाजपाई ‘घुसपैठिया’ कहते रहे, लेकिन ECISVEEP के आंकड़ों के मुताबिक़ सिर्फ़ चार मुस्लिम ऐसे मिले जिनकी नागरिकता साबित नहीं हो पाई।"
अमित शाह ने क्या कहा था
बीते दिनों अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा था कि देश में मुस्लिम आबादी में 24.6 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जबकि हिंदू आबादी में 4.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। उन्होंने इस असंतुलन का कारण पाकिस्तान और बांग्लादेश से हो रही अवैध घुसपैठ बताया।














