
नालंदा जिले की दिगंबर जैन धर्मशाला में शुक्रवार (06 फरवरी, 2026) को एक परिवार के चार पर्यटकों का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतकों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं, जो सभी एक ही परिवार से संबंधित थे—मां और उसके बच्चे। पुलिस ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है और दो सदस्यीय दल को बेंगलुरु भेजा जा रहा है ताकि परिजनों से संपर्क कर जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
मृत्यु की वजह पर फिलहाल कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं, जिसके लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। पोस्टमार्टम के दौरान पूरी प्रक्रिया को वीडियोग्राफी के माध्यम से रिकॉर्ड किया जाएगा।
हत्या की आशंका क्यों जताई जा रही है?
हत्या की संभावना इसलिए भी अधिक बताई जा रही है क्योंकि सभी के हाथ बंधे हुए थे। पुरुष के मुंह पर सेलोटेप लगी हुई थी, जबकि तीन महिलाओं के हाथ भी बंधे थे। शव छत के सहारे लटकाए गए पाए गए। कमरा अंदर से बंद था, लेकिन चाभी के माध्यम से इसे बाहर से खोला या बंद किया जा सकता था, इसलिए पुलिस हत्या की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं कर रही है। मामले की गुत्थी सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सुलझ सकती है।
कमरे से मिली संपत्ति और दवा
पुलिस के अनुसार, राजगीर थानाध्यक्ष को शुक्रवार सुबह 9:40 बजे सूचना मिली कि धर्मशाला में चार पर्यटक पिछले तीन दिन से कमरे में बंद हैं और कमरे से बदबू आ रही है। कमरा जीआर प्रसाद के नाम से बुक था। जांच में उनके पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और 1,18,000 रुपये नकद मिले। इसके अलावा मृतकों के पास नींद की दवा की 25 पत्तियां भी पाई गईं।
मृतकों की पहचान
जीआर सुमंगला, उम्र 78 वर्ष (पति: रत्नबाला राजु जीएन)
शिल्पा जीआर, उम्र 48 वर्ष (पिता: रत्नबाला राजु जीएन)
श्रुथा जीबी, उम्र 43 वर्ष (पिता: रत्नबाला राजु जीएन)
जीआर नागा प्रसाद, उम्र 50 वर्ष (पिता: रत्नबाला राजु जीएन)
जांच में हो रही हर एंगल से छानबीन
पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर जल्दबाजी नहीं कर रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है। धर्मशाला द्वारा पुलिस को आवेदन प्राप्त हुआ है, और धर्मशाला में लगे सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की जा रही है। नालंदा पुलिस ने कर्नाटक पुलिस के माध्यम से परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है।














