
बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे, जहां उन्होंने चुनावी सभा में राजद और महागठबंधन पर तीखा प्रहार किया। जनता से अपील करते हुए शाह ने कहा कि अगर लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव सत्ता में आते हैं, तो बिहार में तीन नए मंत्रालय खुलेंगे — एक किडनैपिंग के लिए, दूसरा रंगदारी वसूली के लिए और तीसरा हत्या के लिए।
उन्होंने कटाक्ष भरे अंदाज में कहा कि बिहार को फिर से “जंगलराज” की ओर नहीं लौटने देना है। शाह ने लोगों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी पर भरोसा रखें, जिन्होंने बिहार को अराजकता से निकालकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया है।
गृह मंत्री ने मंच से घोषणा की कि एनडीए सत्ता में लौटा तो “बाढ़-मुक्त बिहार” के लिए एक नया मंत्रालय गठित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का लक्ष्य है एक सुरक्षित, विकसित और आत्मनिर्भर बिहार का निर्माण करना, जहां हर व्यक्ति को समान अवसर मिले और हर घर तक विकास पहुंचे।”
शाह ने कहा कि मोदी-नीतीश गठबंधन ने बिहार को बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं दिलाई हैं। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया, जबकि नीतीश कुमार ने इसे 50 प्रतिशत तक बढ़ाकर पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित की।
उन्होंने कहा, “राजद के समय जिन महिलाओं को सिर्फ भय और अन्याय मिला, आज वे आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उज्ज्वला योजना से उन्हें धुएं से मुक्ति मिली, हर घर शौचालय बना, और एक करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये जमा किए गए।”
शाह ने व्यंग्यपूर्वक कहा कि “राजद के नेता महिलाओं के खातों से यह पैसा वापस लेने के लिए आयोग तक पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें बता दूं कि मोदी और नीतीश के रहते किसी की हिम्मत नहीं है कि गरीबों के खातों से एक रुपया भी निकाले।”
सभा में शाह ने एनडीए के संकल्प पत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि अगर सरकार बनी तो एक करोड़ युवाओं को रोजगार और नौकरी के अवसर दिए जाएंगे। साथ ही, केजी से लेकर पीजी तक की शिक्षा निशुल्क होगी और महिलाओं को दो लाख रुपये की विशेष सहायता राशि दी जाएगी।
लालू और सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, “लालू यादव अपने बेटे को बिहार का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं और सोनिया जी अपने बेटे को देश का प्रधानमंत्री, लेकिन दोनों को साफ बता दीजिए कि देश और बिहार में जगह पहले से ही भरी हुई है। मोदी जी प्रधानमंत्री हैं और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री।”
उन्होंने भीड़ से सवाल किया — “लालू यादव ने बिहार को क्या दिया?” जब जनता ने जवाब दिया “कुछ नहीं,” तो शाह ने मुस्कराते हुए कहा, “ऐसा अन्याय मत करो, लालू ने बहुत कुछ दिया है — चारा घोटाला, भूमि के बदले नौकरी घोटाला, अलकतरा घोटाला, बाढ़ घोटाला, भर्ती घोटाला… घोटालों की पूरी विरासत दी है।”
शाह ने कहा कि इसके उलट मोदी और नीतीश पर एक भी भ्रष्टाचार का दाग नहीं लगा। उन्होंने कहा, “मोदी जी ने धारा 370 हटाकर आतंकवाद पर निर्णायक प्रहार किया और देश को सुरक्षा व सम्मान दिलाया। इसलिए इस बार बिहार में जंगलराज नहीं, विकासराज की सरकार बनाइए।”
सभा के अंत में अमित शाह ने कहा कि यह चुनाव किसी उम्मीदवार को विधायक या मंत्री बनाने का नहीं है, बल्कि बिहार को एक बार फिर भय, भ्रष्टाचार और अराजकता से मुक्त रखने की लड़ाई है। उन्होंने जनता से अपील की — “वोट विकास के लिए दीजिए, विश्वास के लिए दीजिए, और बिहार को फिर से अंधकार युग में लौटने से बचाइए।”














