
भारत के सबसे ताकतवर और समृद्ध क्रिकेट संस्थान, बीसीसीआई यानी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, अब नए अध्यक्ष के चयन की दिशा में बढ़ चुका है। इस महीने की 28 तारीख को बीसीसीआई की 94वीं वार्षिक आम सभा आयोजित की जानी है, और इसी दिन नए अध्यक्ष के नाम का आधिकारिक ऐलान भी किया जाएगा। लेकिन इस ऐलान से पहले ही चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है, और अधिकतर सूत्रों के मुताबिक पूर्व घरेलू क्रिकेटर मिथुन मन्हास को बोर्ड का नया अध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
शनिवार को दिल्ली में बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम बैठक आयोजित हुई, जिसमें अध्यक्ष पद के लिए मन्हास के नाम पर लगभगसर्वसम्मति बनती दिखी। इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बीसीसीआई इस बार एक ऐसे व्यक्ति को शीर्ष पद की जिम्मेदारी देने जा रही है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कभी भारत का प्रतिनिधित्व नहीं किया, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है।
पूर्व अध्यक्ष रोजर बिन्नी का कार्यकाल अब समाप्ति की ओर है। बीसीसीआई के संशोधित नियमों के तहत, 70 वर्ष की उम्र पूरी होने पर पद से हटना अनिवार्य है, और इसी नियम के तहत बिन्नी की विदाई तय मानी जा रही है। उनकी जगह मिथुन मन्हास का नाम अब सबसे आगे चल रहा है। दिलचस्प बात यह है कि मन्हास के नाम की चर्चा एकाएक सामने आई, जिसने सभी को थोड़ा चौंका जरूर दिया, लेकिन क्रिकेट और प्रशासन में उनका अनुभव इस पद के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
STORY | Mithun Manhas in fray for BCCI president as meeting held in Delhi to find candidates for key posts
— Press Trust of India (@PTI_News) September 20, 2025
Former Delhi skipper Mithun Manhas has emerged as the frontrunner to take over as the new BCCI president even as some seasoned BCCI administrators and key decision makers… pic.twitter.com/jslgmeFFby
मिथुन मन्हास का क्रिकेट करियर भी गौर करने लायक है। उन्होंने भारत के लिए भले ही कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। मन्हास ने 157 प्रथम श्रेणी मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 9714 रन बनाए, जिनमें 27 शतक और 49 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली डेयरडेविल्स, पुणे वॉरियर्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी आईपीएल टीमों के साथ भी कोच और सपोर्ट स्टाफ के रूप में योगदान दिया है। बीते वर्षों में वे जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के प्रशासनिक कामकाज से भी जुड़े रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो नए बोर्ड में अन्य पदाधिकारियों की स्थिति लगभग तय है। राजीव शुक्ला उपाध्यक्ष बने रहेंगे, देवजीत सैकिया सचिव के पद पर बरकरार रहेंगे, जबकि रघुराम भट्ट कोषाध्यक्ष, प्रभतेज भाटिया संयुक्त सचिव और अरुण धूमल आईपीएल चेयरमैन के तौर पर अपनी भूमिकाएं निभाते रहेंगे।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि बीसीसीआई के संविधान में 2019 में बदलाव किए गए थे, जिसके तहत यह जोर दिया गया कि बोर्ड का नेतृत्व किसी क्रिकेटर के हाथों में होना चाहिए। सौरव गांगुली और रोजर बिन्नी दोनों ही भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल चुके हैं और अब अगर मिथुन मन्हास को अध्यक्ष नियुक्त किया जाता है, तो यह पहली बार होगा जब कोई ऐसा शख्स इस पद पर बैठेगा, जिसने देश के लिए एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला हो।
बीसीसीआई का यह कदम इस दिशा में एक नई सोच का प्रतीक हो सकता है, जिसमें प्रशासनिक योग्यता और घरेलू क्रिकेट का अनुभव किसी व्यक्ति को शीर्ष पद के लिए उपयुक्त ठहराता है। अब सभी निगाहें 28 सितंबर पर टिक गई हैं, जब यह तय हो जाएगा कि क्या मिथुन मन्हास वाकई भारतीय क्रिकेट बोर्ड की कमान संभालने जा रहे हैं।














