
भारत के पूर्व बल्लेबाज़ मनोज तिवारी ने दावा किया है कि विराट कोहली को शायद टेस्ट टीम में खुद को “अनचाहा” महसूस हुआ और इसी वजह से उन्होंने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। मई 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ से ठीक पहले कोहली ने अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया था, जिसने क्रिकेट जगत और उनके प्रशंसकों को हैरान कर दिया।
कोहली का निर्णय और मनोज तिवारी की राय
तिवारी ने कहा कि कोहली ने टेस्ट से संन्यास लेने के पीछे कभी खुलकर नहीं बताया, और शायद आगे भी न बताएं, क्योंकि वह अब एक आध्यात्मिक इंसान बन चुके हैं। “मुझे नहीं पता पीछे की कहानी क्या है। लेकिन मुझे लगता है उन्हें टीम इंडिया में खुद को अवांछित महसूस हुआ। पर वह इसे कभी सार्वजनिक मंच पर नहीं कहेंगे क्योंकि वह अब आध्यात्मिक हो गए हैं और अतीत पर ध्यान नहीं देते।”
"अभी 3–4 साल और खेल सकते थे"
तिवारी का मानना है कि फिटनेस और तैयारी को देखते हुए कोहली आसानी से अगले तीन से चार साल और टेस्ट क्रिकेट खेल सकते थे। “वह कम से कम तीन साल और खेल सकते थे। उन्होंने रणजी ट्रॉफी खेलकर तैयारी भी की थी। इसलिए रिटायरमेंट का फैसला चौंकाने वाला था। जो माहौल टीम इंडिया में है, उसे हम जैसे क्रिकेटर जानते हैं। शायद उन्हें वह वातावरण पसंद नहीं आया।”
विराट कोहली का टेस्ट करियर
—मैच: 123
—रन: 9230
—औसत: 46.85
—शतक: 30
—अर्धशतक: 31
—कप्तान: 68 टेस्ट (जीते 40, हारे 17)
कोहली ने अपनी कप्तानी में भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई और विदेशी धरती पर भी टीम इंडिया को मजबूत बनाया।
रिटायरमेंट के बाद भी कोहली सफेद गेंद क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे। वह अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ODI सीरीज़ में वापसी करेंगे। हाल ही में उन्होंने ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ यादगार पारियां खेलीं।














