
14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने ऑस्ट्रेलिया में ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसने भारतीय युवा क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा दी है। ब्रिस्बेन के इयान हीली ओवल में खेले गए अंडर-19 टेस्ट मैच के दूसरे दिन वैभव ने सिर्फ 78 गेंदों में शतक लगाकर न केवल मैच में टीम की मजबूत स्थिति सुनिश्चित की, बल्कि युवा क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम अमर कर दिया। इस पारी के दौरान उन्होंने 9 चौके और 8 छक्के लगाए, जो उनके आक्रामक खेल और दमदार बल्लेबाजी की मिसाल है।
वैभव ने यह रिकॉर्ड महज 14 साल और 188 दिन की उम्र में बनाया है, जो उन्हें ऑस्ट्रेलिया में अंडर-19 टेस्ट में शतक लगाने वाला सबसे कम उम्र का बल्लेबाज बनाता है। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज लियम ब्लैकफोर्ड के नाम था, जिन्होंने 124 गेंदों में शतक बनाया था। इसके साथ ही, भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे का 64 गेंदों का शतक सबसे तेज शतक माना जाता है, और वैभव का यह शतक दूसरे स्थान पर आता है।
ब्रिस्बेन के इस मैदान पर वैभव ने अपनी आक्रामकता के साथ टीम को एक मजबूत बढ़त दिलाई, जबकि उनके साथ बल्लेबाजी कर रहे वेदांत त्रिवेदी ने नाबाद 116 रन बनाकर खेल को संतुलित रखा। इस प्रदर्शन की बदौलत भारत ने इस युवा टेस्ट में 95 रनों की बढ़त हासिल कर ली है, जो इस मैच में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
वैभव की प्रतिभा और परफॉर्मेंस सिर्फ टेस्ट मैचों तक सीमित नहीं है। उन्होंने आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए भी तहलका मचाया था, जहां उन्होंने मात्र 35 गेंदों में शतक लगाकर लीग के इतिहास का सबसे तेज शतक बनाया। राहुल द्रविड़ की सलाह पर जब उन्हें ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में मौका मिला तो उन्होंने इसे पूरी तरह से भुनाया।
14 साल की उम्र में इस तरह के प्रदर्शन ने क्रिकेट विशेषज्ञों और फैंस की उम्मीदें काफी बढ़ा दी हैं। उनके संयम और आक्रामक खेल के गुण भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यह युवा क्रिकेटर न केवल देश के लिए बल्कि विश्व क्रिकेट के लिए भी एक चमकता सितारा बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
वैभव सूर्यवंशी का यह अनोखा रिकॉर्ड और शानदार प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का विषय है। उनके खेल से पूरी दुनिया की निगाहें जुड़ी हैं और उम्मीद की जा रही है कि वह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।














