
हैदराबाद की उमस भरी दोपहर, लेकिन शहर का माहौल क्रिकेट के जुनून से ठंडा और सुकूनभरा था। मंच पर बैठे थे 1983 वर्ल्ड कप के नायक, वह शख्स जिसने विकेट के पीछे खड़े होकर पूरे देश को पहली बार विश्वविजेता बनने का सपना सच कराया — सैयद किरमानी। उनके सामने थे भारतीय क्रिकेट के मौजूदा तेज रफ्तार सितारे, मोहम्मद सिराज। दोनों की मुलाकात ने दर्शकों के दिलों में एक ऐसी तस्वीर उकेरी, जिसमें क्रिकेट के सुनहरे अतीत और चमकते वर्तमान की खूबसूरत झलक एक साथ दिख रही थी।
यह मौका था किरमानी की आत्मकथा ‘स्टंप्ड: लाइफ बिहाइंड ऐंड बियॉन्ड द ट्वेंटी टू यार्ड्स’ के हैदराबाद में विमोचन का। किताब पहले बेंगलुरु में लॉन्च हो चुकी थी, लेकिन हैदराबाद का यह आयोजन खास था। यहां न सिर्फ क्रिकेट प्रेमी, बल्कि कई दिग्गज हस्तियां भी मौजूद थीं — पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन, तेलंगाना के मंत्री विवेक वेंकटस्वामी और शहर की खेल-प्रेमी जनता।
“सर, तब हम पैदा तक नहीं हुए थे…”
जैसे ही मोहम्मद सिराज ने माइक थामा, माहौल में हल्की मुस्कान और भावनाओं की लहर दौड़ गई। सिराज ने सैयद किरमानी की ओर देखते हुए कहा — “सर, जब आपने 1983 वर्ल्ड कप जीता था, तब हम पैदा तक नहीं हुए थे। लेकिन आपकी कहानी हमें आज भी उतना ही प्रेरित करती है जितनी तब पूरे देश को किया होगा। मैंने कई खिलाड़ियों से सुना है कि विकेट के पीछे आपके रिफ्लेक्स असाधारण थे। भारतीय क्रिकेट के लिए आपने जो दिया, उसके लिए आपका दिल से धन्यवाद।”
सिराज के शब्दों में एक तरफ श्रद्धा थी तो दूसरी ओर गर्व की चमक। दर्शकों ने तालियों की गूंज से इस क्षण को और यादगार बना दिया।
किरमानी का जवाब — अनुभव और आशीर्वाद की सौगात
सैयद किरमानी, जिनके चेहरे पर हमेशा एक सौम्य मुस्कान रहती है, सिराज की बात सुनकर भावुक हो उठे। उन्होंने कहा — “आपने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। देश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई। आपकी आक्रामकता दिल से है और यही आपको आगे भी सफल बनाएगी। मेरी शुभकामनाएं हमेशा आपके साथ हैं।”
इस जवाब ने पूरे माहौल को और भी आत्मीय बना दिया। यह एक ऐसा पल था जिसमें वरिष्ठ खिलाड़ी का आशीर्वाद और जूनियर की प्रशंसा, दोनों ने भारतीय क्रिकेट की खूबसूरत परंपरा को जीवंत कर दिया।
अजहरुद्दीन की तारीफ और एक अपील
पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने इस मौके पर कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि किरमानी ने अपनी किताब का विमोचन हैदराबाद में भी किया। उन्होंने सभी युवा विकेटकीपरों से अपील की कि वे ‘किरी भाई’ से मार्गदर्शन लें, क्योंकि उनका अनुभव और तकनीक उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी बना सकती है। अजहर ने बिना झिझक कहा कि दुनिया के बेहतरीन विकेटकीपरों में सैयद किरमानी का नाम हमेशा अग्रणी रहेगा।
एक किताब, जो सिर्फ आत्मकथा नहीं
‘स्टंप्ड’ केवल एक क्रिकेटर की कहानी नहीं, बल्कि उस सफर की दास्तान है जिसमें मेहनत, संघर्ष, टीम स्पिरिट और देशभक्ति का हर रंग मौजूद है। 1983 के ऐतिहासिक विश्व कप की जीत से लेकर विकेट के पीछे बिताए अनगिनत पलों तक, यह किताब क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक धरोहर है।
हैदराबाद में हुए इस लॉन्च ने साबित कर दिया कि क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचने वाली विरासत है — और इस विरासत को आगे बढ़ाने के लिए सिराज जैसे खिलाड़ी तैयार हैं, जो अपने पूर्वजों के सम्मान में सिर झुकाते हैं और मैदान पर गर्व से तिरंगा लहराते हैं।














