
गुजरात टाइटंस ने एक और मजबूत प्रदर्शन करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स को 5 विकेट से मात देकर आईपीएल 2026 में अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज कर ली, लेकिन इस जीत के बावजूद कप्तान शुभमन गिल पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए। 17 अप्रैल, शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 181 रन बनाए थे, जिसके जवाब में गुजरात टाइटंस ने शुभमन गिल की शानदार 86 रनों की पारी के दम पर 2 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, गिल अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील न कर पाने से निराश दिखे। मैच के बाद उन्होंने साफ किया कि उनका ध्यान व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा टीम को फाइनल तक पहुंचाकर ट्रॉफी जीतने पर है।
मैच के बाद जब शुभमन गिल से पूछा गया कि क्या वह 2023 की अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी फॉर्म में लौट आए हैं, तो उन्होंने बेहद सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं लगता कि इससे कोई खास फर्क पड़ता है। मेरे लिए सबसे अहम चीज जीत है। फाइनल खेलना और खिताब जीतना ही वह लक्ष्य है, जिसका मैं इंतजार कर रहा हूं।”
गौरतलब है कि आईपीएल 2023 में गिल ने 890 रन बनाकर धमाकेदार प्रदर्शन किया था। इसी लय को आगे बढ़ाते हुए वह मौजूदा सीजन में भी शानदार फॉर्म में हैं और चार मैचों में 62.75 की औसत से 251 रन बनाकर रन चार्ट में टॉप पर पहुंच चुके हैं।
अपनी पारी पर बात करते हुए गिल ने माना कि उन्हें अंत तक टिककर मैच खत्म न कर पाने का अफसोस है। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश थी कि मैच को एक-दो ओवर पहले ही खत्म कर दिया जाए। जिस तरह मैं आउट हुआ, उससे मैं काफी निराश हूं। मैं आखिरी तक क्रीज पर रहकर मैच खत्म करना चाहता था। उम्मीद है अगली बार ऐसा जरूर कर पाऊंगा।”
गेंदबाजी रणनीति को लेकर भी उन्होंने खुलकर बात की। मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा को लगातार ओवर देने के फैसले पर गिल ने कहा कि दोनों गेंदबाज उस समय बेहद खतरनाक लय में थे और हर गेंद पर विकेट लेने का खतरा बना हुआ था। उन्होंने बताया कि गर्मी को देखते हुए दोनों से अतिरिक्त ओवर डालने पर भी चर्चा हुई थी, ताकि उनकी लय बरकरार रहे। साथ ही पिच पर गेंद रुककर आ रही थी, जिससे यह रणनीति और भी अहम हो गई थी।
बीच के ओवरों में विरोधी टीम के प्रदर्शन पर बात करते हुए गिल ने स्वीकार किया कि आंद्रे रसेल जैसे बल्लेबाजों ने मैच में वापसी की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि उस समय टीम की रणनीति विकेट लेने और आक्रामक विकल्प अपनाने पर केंद्रित थी, क्योंकि केकेआर की बल्लेबाजी काफी लंबी थी। सुनील जैसे बल्लेबाजों का निचले क्रम में आना भी चुनौतीपूर्ण था, इसलिए लगातार दबाव बनाए रखना जरूरी था।
अपनी बल्लेबाजी और हालिया सुधारों को लेकर गिल ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उन्होंने फिटनेस पर काफी मेहनत की है, जिसका सीधा असर उनके खेल में दिख रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मानसिक मजबूती और रणनीतिक सोच पर भी काम किया है। उनके मुताबिक, केवल तकनीक नहीं बल्कि मैच की समझ और परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेना भी उतना ही जरूरी है।
मेंटल अप्रोच पर बात करते हुए गिल ने कहा कि क्रिकेट में सबसे बड़ी चुनौती वर्तमान में रहना है। उन्होंने समझाया कि खिलाड़ी का दिमाग अक्सर भविष्य या पिछली गलतियों में उलझ जाता है, लेकिन सफलता उसी को मिलती है जो हर गेंद पर पूरी तरह फोकस करता है। उनके अनुसार, सीख लेना जरूरी है लेकिन अतीत में अटकना नुकसानदायक होता है।
अपने नए दाढ़ी वाले लुक को लेकर भी शुभमन गिल ने हल्के अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रयोग था और फिलहाल चीजें उनके पक्ष में जा रही हैं। मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा, “अभी तक सब ठीक चल रहा है। तीन मैच, तीन जीत। देखते हैं आगे इसे जारी रखते हैं या नहीं।”













