पटना में संचालित चर्चित कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) एक बार फिर सुर्खियों में है। कोचिंग के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर के संस्थान पर पुलिस ने नोटिस चस्पा किया है और संस्थान के मैनेजर सहित तीन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए तलब किया है। इस बीच ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। घटना के बाद पुलिस जांच तेज हो गई है और कई पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
नेपाल से सहरसा पहुंचा प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर
प्रिंस यादव की मौत के बाद उनके शव को नेपाल के विराटनगर से बिहार के सहरसा लाया गया। मामले को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर प्रिंस यादव की मौत किन परिस्थितियों में हुई। जांच अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी तथ्यों और परिस्थितियों की बारीकी से जांच की जा रही है।
साथ ही इस मामले में यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। घटना के बाद जांच एजेंसियां नेपाल में मौजूद तथ्यों और वहां से प्राप्त रिपोर्टों का भी अध्ययन कर रही हैं।
कोचिंग सेंटर विवाद में पहले दर्ज हो चुकी है एफआईआर
इधर पटना में खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े विवाद में भी पुलिस सक्रिय नजर आ रही है। जानकारी के अनुसार कोचिंग संस्थान में हुए कथित हमला, हंगामा और तोड़फोड़ मामले में पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। इस मामले में संस्थान के मैनेजर कन्हैया सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस का कहना है कि संबंधित लोगों को पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद उन्हें दोबारा नोटिस जारी किया गया और अंततः संस्थान परिसर पर नोटिस चस्पा कर कार्रवाई की गई।
मैनेजर सहित तीन कर्मियों को बुलाया गया थाने
रविवार को पुलिस ने जारी नोटिस के आधार पर खान ग्लोबल स्टडीज के मैनेजर कन्हैया सिंह को पूछताछ के लिए कदमकुआं थाना बुलाया। उनके अलावा संस्थान से जुड़े दो अन्य कर्मचारी अजित कुमार और अंकित कुमार पांडे को भी तलब किया गया।
तीनों से पुलिस अधिकारियों ने कई घंटों तक पूछताछ की। जांचकर्ता यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि पहले दर्ज हुए विवाद और हालिया घटनाक्रम के बीच कोई संबंध है या नहीं। हालांकि पुलिस की ओर से पूछताछ के संबंध में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
प्रिंस यादव की मौत से मामले ने लिया नया मोड़
इस पूरे घटनाक्रम के बीच रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई मौत ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात नेपाल के मोरंग जिले के विराटनगर स्थित एक होटल में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी।
बताया जा रहा है कि तबीयत खराब होने के बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए एक न्यूरो अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि उनकी मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। इसी कारण इस मामले को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं और जांच एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही हैं।
प्रिंस यादव की मौत पर क्या बोले खान सर?
इस मामले में फैजल खान उर्फ खान सर की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने प्रिंस यादव की मौत को लेकर कई सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। खान सर का कहना है कि घटना को केवल सतही तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए और सभी संभावित पहलुओं की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार यह जानना जरूरी है कि घटना के समय प्रिंस यादव के साथ मौजूद पांच लोग कौन थे और उस दौरान वास्तव में क्या हुआ था। उन्होंने पुलिस से अपील की कि पूरी जांच के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाए ताकि किसी तरह की अफवाह या भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
भावुक वीडियो जारी कर जताई संवेदना
प्रिंस यादव की मौत के बाद खान सर ने एक वीडियो जारी कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। इस वीडियो में उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को जो भी सहायता चाहिए, वह उसके लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियों को उनकी ओर से किसी प्रकार का सहयोग चाहिए तो वह पूरा सहयोग देंगे।
खान सर ने यह भी कहा कि मीडिया में मौत को लेकर अलग-अलग तरह की बातें सामने आ रही हैं। कहीं स्वास्थ्य संबंधी कारणों की चर्चा हो रही है तो कहीं अन्य संभावित वजहों का जिक्र किया जा रहा है। लेकिन उनके अनुसार जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआत में जो मामला केवल सुरक्षा कर्मियों के बीच विवाद के रूप में सामने आया था, वह अब काफी बड़ा रूप ले चुका है। ऐसे में जरूरी है कि जांच एजेंसियां तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच करें और सच्चाई को सामने लाएं। फिलहाल पुलिस और अन्य एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं और सभी की नजरें जांच के अगले चरण पर टिकी हुई हैं।














