
भारतीय युवा बल्लेबाज़ यशस्वी जायसवाल ने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट के तीसरे दिन शानदार शतक लगाकर टीम इंडिया की स्थिति को मजबूत कर दिया। जायसवाल ने 164 गेंदों में 14 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 118 रनों की लाजवाब पारी खेली, जो उनका टेस्ट करियर का छठा शतक है।
इस शतक के दम पर भारत ने अपनी दूसरी पारी में 373 रनों की मजबूत बढ़त बनाई और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 374 रनों का लक्ष्य रखा। दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यशस्वी ने बताया कि इस पारी के पीछे एक अहम प्रेरणा रोहित शर्मा का दिया गया संदेश रहा।
जायसवाल ने बताया, “पिच थोड़ी चुनौतीपूर्ण थी, खासकर जहां गेंद हिल रही थी और सीम मूवमेंट भी था। लेकिन रोहित भैया से जब मिला, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा—'खेलते रहो'। बस वही बात दिमाग में रखी और आगे बढ़ता गया।”
उन्होंने आगे बताया कि इस मुश्किल विकेट पर बल्लेबाजी करने के लिए उन्होंने सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरने का निर्णय लिया ताकि गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया जा सके। जायसवाल ने कहा, “हमारी आखिरी पारी थी, तो मैं मानसिक रूप से तैयार था कि यहां रुककर लंबी पारी खेलनी है। पहली पारी देखकर अंदाजा हो गया था कि किस तरह खेलना चाहिए। मेरा फोकस पॉजिटिव खेलने और गेंदबाज़ों को पढ़कर रन बनाने पर था।”
जायसवाल ने दिन की शुरुआत में अक्ष दीप के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 107 रनों की अहम साझेदारी की, जिसने इंग्लैंड की कमजोर होती गेंदबाज़ी की कमर तोड़ दी। अक्ष दीप, जो नाइटवॉचमैन के तौर पर बल्लेबाजी करने आए थे, उन्होंने भी अपने करियर का पहला टेस्ट अर्धशतक जमाया और 94 गेंदों में 66 रनों की उम्दा पारी खेली, जिसमें 12 चौके शामिल थे।
इसके बाद जायसवाल ने करुण नायर के साथ 40 रन और रवींद्र जडेजा के साथ 44 रनों की साझेदारियां कर भारत को 250 से अधिक की बढ़त दिलाई। तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 1 विकेट के नुकसान पर 50 रन बना लिए थे। आखिरी ओवर में मोहम्मद सिराज ने ज़ैक क्रॉली को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। अब इंग्लैंड को जीत के लिए 324 रनों की ज़रूरत है।














