राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2026 के लीग चरण के अपने आखिरी मुकाबले में मुंबई इंडियंस को 30 रनों से हराकर प्लेऑफ का टिकट हासिल कर लिया। इस जीत के साथ राजस्थान इस सीजन नॉकआउट दौर में पहुंचने वाली चौथी टीम बन गई। इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद अपनी जगह पक्की कर चुके थे। हालांकि टीम की इस अहम जीत के बावजूद कप्तान रियान पराग पूरी तरह खुश नजर नहीं आए। मैच खत्म होने के बाद उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन, रणनीति और अपनी फिटनेस को लेकर कई बड़ी बातें साझा कीं।
“सेट बल्लेबाजों को आखिर तक टिकना होगा” – रियान पराग
मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में रियान पराग ने साफ कहा कि टीम ने मैच जरूर जीता, लेकिन अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब टीम की रणनीति मैदान पर सफल होती है तो खुशी मिलती है, लेकिन बल्लेबाजों को अपनी जिम्मेदारी और बेहतर तरीके से निभानी होगी।
रियान ने कहा कि उनकी इच्छा थी कि जो बल्लेबाज सेट हो चुके थे, वे अंत तक बल्लेबाजी करते और टीम को बड़ा स्कोर दिलाते। उनके मुताबिक इस पिच पर धीमी बल्लेबाजी करने का कोई फायदा नहीं था, इसलिए रन गति बढ़ाने के लिए उन्होंने साहसिक फैसले लिए।
उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत जोफ्रा आर्चर को सातवें और रवींद्र जडेजा को नौवें नंबर पर भेजा गया। उनकी रणनीति यह थी कि एक बल्लेबाज खुलकर बड़े शॉट लगाए, जबकि दूसरा छोर संभाले रखे। रियान ने जडेजा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि वह अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाएंगे और अनुभवी ऑलराउंडर ने वही करके दिखाया।
“मैं कप्तानी में जोखिम लेने से नहीं डरता”
रियान पराग ने यह भी कहा कि इस पूरे सीजन में उन्होंने कप्तान के तौर पर कई बड़े और जोखिम भरे फैसले लिए हैं। उनका मानना है कि कप्तानी केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि सही समय पर सही फैसले लेने की कला पर भी निर्भर करती है।
उन्होंने कहा कि असम टीम के लिए भी वह इसी अंदाज में कप्तानी करते आए हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें महसूस हुआ था कि हार्दिक पांड्या को आउट करने के लिए जोफ्रा आर्चर सबसे बेहतर विकल्प हैं, इसलिए उन्होंने उसी समय आर्चर को गेंद थमाई और उनका फैसला सही साबित हुआ।
रियान ने कहा कि कप्तानी में कई बार “सिक्स्थ सेंस” भी बहुत मायने रखता है। उन्होंने टीम की जीत का श्रेय खास तौर पर बृजेश और यश राज को दिया। हालांकि मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि वह आमतौर पर खिलाड़ियों की ज्यादा तारीफ नहीं करते ताकि उनमें जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास न आ जाए, लेकिन इस मैच में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार योगदान दिया।
उन्होंने बृजेश की वापसी की भी तारीफ की, जिन्होंने पिछले मुकाबलों में महंगे साबित होने के बाद दमदार प्रदर्शन किया। वहीं यश राज उर्फ “पुंजा” के सफर को प्रेरणादायक बताते हुए रियान ने कहा कि नेट गेंदबाज से टीम के मुख्य स्पिनर बनने तक का उनका सफर बेहद खास रहा है।
फिटनेस पर भी बोले RR कप्तान
मैच के बाद रियान पराग ने अपनी फिटनेस को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और केवल मानसिक मजबूती के दम पर खेल रहे हैं।
रियान ने कहा कि इस मुकाबले में उनका खेलना लगभग तय नहीं था और उन्हें आराम करने की सलाह दी गई थी, लेकिन टीम की जरूरत को देखते हुए उन्होंने मैदान पर उतरने का फैसला किया। उन्होंने भरोसा जताया कि प्लेऑफ में भी टीम इसी लय को बरकरार रखेगी।
अंत में उन्होंने माना कि राजस्थान रॉयल्स को प्लेऑफ के लिए काफी पहले ही क्वालीफाई कर लेना चाहिए था, लेकिन टीम अब सही समय पर अपनी लय में लौटती दिखाई दे रही है।














