
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने एक ऐसा बयान दिया है, जो शायद अब तक किसी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने नहीं दिया। पोंटिंग ने इंग्लैंड के ‘बैजबॉल’ अंदाज़ की जमकर तारीफ की और कहा कि उन्हें उनका खेलने का तरीका बेहद पसंद है।
हाल ही में भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में कई मौके ऐसे आए, जब इंग्लैंड ने बैजबॉल स्टाइल में क्रिकेट खेली।
बैजबॉल क्या है?
बैजबॉल का मतलब है टेस्ट क्रिकेट में बेहद आक्रामक बल्लेबाज़ी करना और फिर उसी जोश के साथ गेंदबाज़ी करना। यह शब्द तब लोकप्रिय हुआ, जब बेन स्टोक्स इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान और ब्रेंडन मैकुलम कोच बने। दोनों ने टीम में आक्रामक और निर्भीक खेलने का कल्चर लाया, जो आज भी जारी है और उन्हें सफलता भी मिल रही है।
द टाइम्स से बातचीत में पोंटिंग ने कहा—"मैं भी किसी और की तरह एक ऑस्ट्रेलियाई हूं, लेकिन मुझे उनका खेल देखना बहुत अच्छा लगता है। पिछली बार जब ऑस्ट्रेलिया यहां आया था, उन्होंने इस अंदाज़ को अपनाने और सीखने की कोशिश की थी। अब उन्हें समझ आ जाएगा कि इंग्लैंड ने कुछ साल पहले जो शुरू किया था, उसका थोड़ा बदला हुआ रूप कैसा है।"
उन्होंने आगे कहा—"जब यह शैली शुरू हुई थी, तो लगा कि जो रूट अपने खेल से भटक गए हैं। उन्होंने अपना तरीका बदल लिया था। अब वे सामान्य अंदाज़ में खेलने लगे हैं। ओली पोप स्वाभाविक रूप से आक्रामक हैं और तेजी से रन बनाते हैं। स्टोक्स का स्ट्राइक रेट थोड़ा कम हुआ है, जबकि डकेट और क्रॉली टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।"
पोंटिंग का मानना है कि टॉप टीमों के खिलाफ इंग्लैंड को सफलता हासिल करनी थी, और इसके लिए यह बदलाव बेहद ज़रूरी था।














