
पाकिस्तान क्रिकेट इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। टी20 विश्व कप 2026 में भारत के हाथों मिली करारी शिकस्त के बाद से टीम और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) पर सवालों की बौछार थमने का नाम नहीं ले रही। टूर्नामेंट में अब तक टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है और सुपर 8 में पहुंचने की राह भी बेहद कठिन हो गई है। ऐसे माहौल में जब पाकिस्तान अपनी आखिरी लीग भिड़ंत के लिए मैदान पर उतरा, तो टीम चयन को लेकर बड़ा फैसला देखने को मिला। कप्तान सलमान अली आगा ने दो खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। दिलचस्प बात यह रही कि पूर्व कप्तान बाबर आजम फिलहाल टीम में बने हुए हैं, लेकिन उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
नामीबिया के खिलाफ मुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। सलमान अली आगा ने टॉस के दौरान कहा कि इस मैदान पर उनकी टीम पहले भी जीत दर्ज कर चुकी है और पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल नजर आ रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि टीम यहां बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती है। हालांकि टीम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह मुकाबला सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा और आगे की संभावनाओं से भी जुड़ा हुआ था।
जब कप्तान से यह पूछा गया कि क्या सुपर 8 में पहुंचने की उम्मीदों के चलते टीम दबाव महसूस कर रही है, तो उन्होंने साफ तौर पर इनकार किया। उनका कहना था कि बड़े टूर्नामेंट में इस तरह की परिस्थितियां सामान्य हैं और ऐसे मौकों पर खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रहना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम की बल्लेबाजी चिंता का विषय रही है और इसमें सुधार की आवश्यकता है। इसके साथ ही उन्होंने प्लेइंग इलेवन में दो अहम बदलावों की घोषणा की। तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी और स्पिनर अबरार अहमद को इस मुकाबले से बाहर रखा गया, जबकि सलमान मिर्जा और ख्वाजा नफे को अवसर दिया गया। बाबर आजम को हालांकि अंतिम ग्यारह में जगह मिली, जिससे यह संकेत गया कि अभी उन पर पूरी तरह से गाज नहीं गिरी है।
लेकिन मैच की शुरुआत ने नई चर्चा को जन्म दे दिया। नामीबिया के खिलाफ पाकिस्तान ने शुरुआती झटके जल्दी गंवा दिए, और तब सबकी नजरें इस बात पर टिकी थीं कि बाबर आजम बल्लेबाजी के लिए कब उतरेंगे। हैरानी तब हुई जब वे पारंपरिक नंबर चार की पोजीशन पर भी नहीं आए। इससे पहले वे लंबे समय से चौथे क्रम पर टीम की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। इस बदलाव ने टीम के भीतर चल रही हलचल की अटकलों को और हवा दे दी।
स्पष्ट है कि टीम के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। नेतृत्व परिवर्तन के बाद से संतुलन साधना आसान नहीं रहा है। बाबर आजम, जो कभी टीम के कप्तान हुआ करते थे, अब अपनी जगह पक्की रखने के लिए संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं। उनके बल्लेबाजी क्रम में बदलाव को महज रणनीतिक निर्णय माना जाए या इसके पीछे कुछ और कारण हैं, यह आने वाला समय ही बताएगा।
अब निगाहें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर टिकी हैं कि वह आगे क्या रुख अपनाता है। क्या बाबर आजम को फिर से अहम जिम्मेदारी दी जाएगी या टीम नई दिशा में आगे बढ़ेगी? फिलहाल इतना तय है कि पाकिस्तान क्रिकेट में मचा यह घमासान जल्द शांत होता नजर नहीं आ रहा।














