
टी20 एशिया कप 2025 जैसे-जैसे अपने अंतिम मुकाम की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे भारत और पाकिस्तान के बीच की प्रतिस्पर्धा न सिर्फ मैदान पर बल्कि मैदान के बाहर भी तनाव का रूप लेती जा रही है। ग्रुप स्टेज और सुपर-4 में भारत द्वारा दो बार करारी शिकस्त झेलने के बाद, पाकिस्तानी खिलाड़ियों की निराशा अब भड़काऊ हरकतों में तब्दील हो गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) भी सतर्क हो गई है।
भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सुपर-4 मैच के दौरान पाकिस्तानी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान और तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने आक्रामक और राजनीतिक रूप से संदिग्ध इशारे किए। फरहान ने अर्धशतक के बाद बल्ले को बंदूक की तरह चलाते हुए जश्न मनाया, वहीं रऊफ ने बाउंड्री पर खड़े होकर ऐसे इशारे किए जो सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गए।
इन हरकतों को लेकर BCCI ने तुरंत ICC में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद दोनों खिलाड़ियों की सुनवाई हुई। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि साहिबजादा फरहान ने सुनवाई में बेहद बचकाना तर्क दिया। उन्होंने कहा, "मैं पठान हूं और हमारे यहां शादियों में भी बंदूक चलाना आम बात है। यह किसी तरह का राजनीतिक इशारा नहीं था।" उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली के पुराने जश्नों का हवाला देते हुए अपने कृत्य को जायज़ ठहराने की कोशिश की।
लेकिन ICC सूत्रों के मुताबिक, यह दलील न तो पेशेवर खिलाड़ी के स्तर पर स्वीकार्य है और न ही संवेदनशील भारत-पाक मैच जैसे मौके पर उचित मानी जा सकती है। क्रिकेट जैसे खेल में इस तरह की हरकतें दर्शकों में गलत संदेश देती हैं और द्विपक्षीय तनाव को और भड़का सकती हैं।
फिलहाल ICC की सुनवाई पूरी हो चुकी है और फरहान और रऊफ पर संभावित प्रतिबंध की घोषणा किसी भी समय की जा सकती है। माना जा रहा है कि ICC इन्हें एक या अधिक मैचों के लिए निलंबित कर सकती है, जिससे वे 28 सितंबर को होने वाले भारत-पाकिस्तान फाइनल मुकाबले से बाहर हो सकते हैं।
भारत ने अब तक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार पांच मैच जीतकर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 11 रन से हराकर अंतिम मुकाबले का टिकट हासिल किया। लेकिन मैदान के बाहर की यह ICC जांच और संभावित बैन पाकिस्तान के मनोबल पर गहरा असर डाल सकता है।














