न्यूज़
FIFA 2026 Yogi Adityanath Jyotish Donald Trump Narendra Modi Rahul Gandhi

मुंबई इंडियंस का आखिरी मैच 20 हजार से ज्यादा बच्चों के लिए बना खास, नीता अंबानी ने बताया कैसे हुई इस पहल की शुरुआत

मुंबई इंडियंस के आखिरी IPL 2026 मुकाबले को रिलायंस फाउंडेशन की ESA पहल ने 20 हजार से ज्यादा बच्चों के लिए यादगार बना दिया। नीता अंबानी ने बताया कैसे दिव्यांग और दृष्टिबाधित बच्चों को पहली बार लाइव मैच का अनुभव दिलाने की शुरुआत हुई।

Posts by : Jhanvi Gupta | Updated on: Mon, 25 May 2026 8:36:40

मुंबई इंडियंस का आखिरी मैच 20 हजार से ज्यादा बच्चों के लिए बना खास, नीता अंबानी ने बताया कैसे हुई इस पहल की शुरुआत

आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस भले ही अपने आखिरी मुकाबले में जीत दर्ज नहीं कर सकी, लेकिन यह मैच 20 हजार से अधिक बच्चों के लिए जिंदगी भर याद रखने वाला अनुभव बन गया। पहली बार स्टेडियम पहुंचे इन बच्चों ने लाइव क्रिकेट का रोमांच बेहद करीब से महसूस किया। खास बात यह रही कि इस पहल में 200 से ज्यादा दिव्यांग बच्चे और 100 से अधिक दृष्टिबाधित बच्चे भी शामिल हुए। रिलायंस फाउंडेशन और मुंबई इंडियंस की इस खास पहल ने खेल को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समावेश और प्रेरणा का माध्यम बना दिया।

रविवार को खेले गए मुकाबले में भले ही मुंबई इंडियंस को हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन रिलायंस फाउंडेशन की “एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स फॉर ऑल” (ESA) पहल ने हजारों बच्चों के चेहरे पर मुस्कान जरूर ला दी। यह आयोजन नीता अंबानी की सोच और विजन का हिस्सा था, जिसके जरिए ऐसे बच्चों को स्टेडियम तक लाया गया, जिन्होंने पहले कभी लाइव मैच नहीं देखा था।

नीता अंबानी ने साझा की इस पहल की शुरुआत की कहानी

रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने इस खास आयोजन को लेकर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि बच्चों की खुशी और उत्साह देखना बेहद खास अनुभव है। उन्होंने बताया कि 16 साल पहले रिलायंस फाउंडेशन के जरिए ESA पहल शुरू की गई थी और इसका मूल उद्देश्य हमेशा से सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना रहा है।

नीता अंबानी ने बताया कि वह लंबे समय से नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड के बच्चों के साथ काम कर रही हैं। आईपीएल सीजन शुरू होने से पहले जब वह वहां गईं, तो बच्चों ने उनसे लाइव मुंबई इंडियंस मैच देखने की इच्छा जताई। बच्चों ने कहा कि वे कभी स्टेडियम नहीं गए और मैच का वास्तविक माहौल महसूस करना चाहते हैं। इसी बातचीत के बाद उन्हें स्टेडियम लाने की योजना बनाई गई।

उन्होंने कहा कि आज सैकड़ों बच्चे यहां मौजूद हैं और उन्हें उम्मीद है कि ये सभी अपने साथ खूबसूरत और यादगार पल लेकर लौटेंगे। मैदान पर बच्चों का उत्साह, शोर और ऊर्जा पूरे आयोजन की सबसे बड़ी खासियत बन गई।

29 मिलियन बच्चों तक पहुंच चुका है रिलायंस फाउंडेशन

नीता अंबानी ने भारत में खेल और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रिलायंस फाउंडेशन के व्यापक विजन के बारे में भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन अब तक देश के 28 राज्यों में 29 मिलियन से ज्यादा बच्चों और युवाओं तक पहुंच बना चुका है।

उनके मुताबिक, फाउंडेशन पांच साल की उम्र से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक के खिलाड़ियों और बच्चों के साथ काम करता है। इसके तहत कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस, ट्रेनिंग और प्रैक्टिस की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। क्रिकेट के अलावा एथलेटिक्स, फुटबॉल और अन्य खेलों के लिए भी हाई-परफॉर्मेंस सेंटर तैयार किए गए हैं।

नीता अंबानी ने यह भी कहा कि भारत में एक दिन ओलंपिक गेम्स आयोजित होते देखना उनका और पूरे देश का साझा सपना है। उन्होंने इसे एक अरब भारतीयों की आकांक्षा बताया।

550 से ज्यादा बसों और हजारों वॉलंटियर्स ने संभाली जिम्मेदारी

इस बार ESA कार्यक्रम में मुंबई, महाराष्ट्र और सतारा, नासिक, इगतपुरी और वलसाड जैसे दूरदराज इलाकों से 40 से ज्यादा एनजीओ पार्टनर्स के बच्चे शामिल हुए। इतने बड़े स्तर पर आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं।

200 से ज्यादा दिव्यांग बच्चों और 100 से अधिक दृष्टिबाधित बच्चों को सुरक्षित तरीके से स्टेडियम तक पहुंचाने के लिए 550 से ज्यादा बीईएसटी बसों की मदद ली गई। इसके अलावा एनजीओ, रिलायंस और धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल के 2400 से अधिक वॉलंटियर्स ने पूरे आयोजन में अहम भूमिका निभाई।

मैच के दौरान बच्चों के लिए 92 हजार से ज्यादा फूड बॉक्स की व्यवस्था की गई थी, जबकि 100 से ज्यादा मेडिकल स्टाफ और बड़ी ग्राउंड कोऑर्डिनेशन टीम लगातार मौजूद रही ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो।

मुंबई पुलिस ने भी निभाई अहम भूमिका

इतने बड़े आयोजन को सफल बनाने में मुंबई पुलिस का योगदान भी काफी अहम रहा। पूरे दिन ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 550 से ज्यादा ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और 450 से अधिक पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया था।

पिछले 16 वर्षों में रिलायंस फाउंडेशन की स्पोर्ट्स और एजुकेशन पहल ने देशभर में लाखों बच्चों और युवाओं की जिंदगी पर सकारात्मक असर डाला है। इस पहल का उद्देश्य केवल खेल या शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को आत्मविश्वास, अवसर और समाज में बराबरी का एहसास दिलाना भी है।

मुंबई इंडियंस की “वन फैमिली” सोच को दर्शाने वाली यह पहल इस बात का उदाहरण बन गई कि खेल के जरिए समाज में समावेश और संवेदनशीलता को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है।

राज्य
View More

Shorts see more

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

रेस्टोरेंट से प्लास्टिक के डिब्बे में मंगाते हैं खाना? हो जाएं सतर्क, कहीं कैंसर को तो नहीं दे रहे न्योता!

  • बाहर से खाना मंगवाना अब आम हो गया है
  • रेस्टोरेंट प्लास्टिक कंटेनरों में खाना भेजते हैं
  • गर्म खाने से प्लास्टिक के ज़हरीले केमिकल घुल सकते हैं
read more

ताजा खबरें
View More

बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
बेवफा हसीनाएं! सिया गोयल से सोनम रघुवंशी तक, जब प्रेम संबंधों ने लिया खौफनाक मोड़ और जीवनसाथी बने साजिश का शिकार
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
भगवान राम पर टिप्पणी से भड़के विष्णु दास, बोले- स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले को देंगे 5 लाख रुपये
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
क्या तेहरान जाएंगे पीएम मोदी? खामेनेई की अंतिम विदाई में शामिल होने का मिला आमंत्रण
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया ने कबूला जुर्म, हत्या की वजह भी बताई
कौन है सिया गोयल? जिसने मंगेतर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया, शादी के लिए बुक था 17 करोड़ का महल
कौन है सिया गोयल? जिसने मंगेतर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया, शादी के लिए बुक था 17 करोड़ का महल
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
महरौली रेप-मर्डर केस: जिस जगह मासूम के साथ हुई थी दरिंदगी, वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
जिस हुडी से पहचान छिपाने की कोशिश की, वही बनी गिरफ्तारी की वजह; सिया के प्रेमी तक ऐसे पहुंची पुलिस
ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा, 'मां की रोक-टोक से तंग आ गई थी', आरोपी बेटी श्वेता गिरफ्तार
ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा, 'मां की रोक-टोक से तंग आ गई थी', आरोपी बेटी श्वेता गिरफ्तार
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
रिटायरमेंट से महज 6 दिन पहले रिश्वत लेते धरा गया इंजीनियर, छापेमारी में 5 लाख से ज्यादा नकदी बरामद
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
क्या परियों के देश में खो गई बबीता पांडे? 27 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, फिर चर्चा में आई उत्तराखंड की रहस्यमयी लोककथा
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
पद्म भूषण सम्मान के बाद छलका अलका याग्निक का दर्द, सेहत को लेकर साझा किया बड़ा अपडेट, बोलीं- अब भी आसान नहीं है सफर
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
राम मंदिर में चढ़ावे का विवाद गहराया, 3500 करोड़ की नकदी और आभूषणों का रिकॉर्ड नहीं, 2020 की रिपोर्ट आई चर्चा में
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
एग्स फ्रीज कराने के फैसले पर खुलकर बोलीं आकांक्षा रंजन, कहा- माता-पिता ने बिना किसी हिचक के दिया साथ
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन
ग्लैमर से दूर प्रकृति की गोद में पहुंचीं भूमि पेडनेकर, फार्म पर मिला सुकून और अपनापन