
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के आगाज से पहले राजस्थान रॉयल्स की टीम में बड़े बदलावों की लहर शुरू हो गई है। फ्रेंचाइजी ने अपने लंबे समय से जुड़े फील्डिंग कोच दिशांत याग्निक के साथ रास्ते अलग कर लिए हैं। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं और भीतरू मतभेदों की खबरें जोर पकड़ रही हैं।
दिशांत याग्निक राजस्थान रॉयल्स से कई वर्षों से जुड़े हुए थे और टीम की फील्डिंग को एक अलग मुकाम पर ले जाने में उनका अहम योगदान रहा है। लेकिन अब वह आगामी घरेलू सीजन में जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम के क्षेत्ररक्षण कोच के रूप में काम करने की योजना बना रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि याग्निक पिछले घरेलू सीजन में भी जम्मू-कश्मीर की रणजी टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा थे और उनकी कोचिंग में टीम ने क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था।
दिशांत याग्निक से पहले राजस्थान रॉयल्स पहले ही एक और बड़ा नाम खो चुका है, वह हैं मुख्य कोच राहुल द्रविड़। टी20 विश्व कप 2024 में भारतीय टीम को खिताब दिलाने के बाद द्रविड़ को आरआर का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था। उम्मीद की जा रही थी कि द्रविड़ के आने से राजस्थान की किस्मत बदलेगी, लेकिन IPL 2025 में टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। राजस्थान ने पूरे सीजन में केवल 4 मैच जीते और अंक तालिका में नौवें स्थान पर रही। इसके बाद द्रविड़ ने कोच पद से इस्तीफा दे दिया था।
जानकारों का मानना है कि टीम के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान और मैनेजमेंट के फैसलों से असंतुष्टि भी इन बड़े फैसलों के पीछे की वजह बन सकती है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि अब जब कोच और सपोर्ट स्टाफ में बदलाव हो रहे हैं, तो अगला बड़ा नाम कप्तान संजू सैमसन का हो सकता है। सूत्रों की मानें तो सैमसन भी टीम के प्रबंधन से नाखुश हैं और नीलामी से पहले वह फ्रेंचाइजी छोड़ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो राजस्थान रॉयल्स को न केवल नए कप्तान की तलाश करनी होगी, बल्कि टीम के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी तेज करनी पड़ेगी।
राजस्थान रॉयल्स आईपीएल की पहली चैंपियन टीम रही है, लेकिन पिछले कुछ सीजनों में यह टीम अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई है। लगातार हो रहे कोचिंग स्टाफ के बदलाव और अब खिलाड़ियों के संभावित ट्रांसफर इस बात का संकेत हैं कि फ्रेंचाइजी अब पूरी तरह से एक नई शुरुआत की ओर बढ़ रही है।
आने वाले हफ्तों में राजस्थान रॉयल्स से जुड़ी और भी बड़ी खबरें सामने आ सकती हैं। चाहे वह सपोर्ट स्टाफ के नए चेहरे हों या खिलाड़ियों के अदला-बदली की कवायद—टीम का ढांचा पूरी तरह से बदलता हुआ नजर आ सकता है।














