
IPL 2026 के आगाज से पहले ही बेंगलुरु का प्रतिष्ठित एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पहले यहां मैचों के आयोजन को लेकर सवाल उठे थे और अब एक नए विवाद ने इस मैदान को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालात ऐसे बनते नजर आ रहे हैं कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो इस ऐतिहासिक स्टेडियम से इस सीजन के फाइनल की मेजबानी छिन सकती है।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेंगलुरु में उभरे MLA टिकट विवाद ने स्थिति को जटिल बना दिया है। अभी तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने प्लेऑफ और फाइनल के वेन्यू की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन परंपरा के अनुसार ये मुकाबले पिछली बार फाइनल खेलने वाली टीमों के घरेलू मैदान पर आयोजित किए जाते हैं। इस आधार पर माना जा रहा है कि IPL 2026 के प्लेऑफ मुकाबले पंजाब और कर्नाटक में आयोजित हो सकते हैं, क्योंकि पिछले सीजन का फाइनल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स के बीच हुआ था, जिसमें बेंगलुरु ने पहली बार खिताब अपने नाम किया था। हालांकि, ANI की रिपोर्ट के अनुसार यदि टिकट विवाद बना रहता है, तो बोर्ड फाइनल मुकाबले को किसी अन्य शहर में शिफ्ट करने का फैसला ले सकता है।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि प्लेऑफ और फाइनल के आयोजन स्थलों की घोषणा जल्द की जा सकती है। संभावना है कि इन बड़े मुकाबलों को पंजाब और कर्नाटक के बीच बांटा जाए। आमतौर पर विजेता टीम को फाइनल की मेजबानी दी जाती है, लेकिन बेंगलुरु में चल रहा यह विवाद इस प्रक्रिया में बाधा बन सकता है। यदि हालात काबू में नहीं आए, तो BCCI को फाइनल के लिए वैकल्पिक शहर चुनना पड़ सकता है।
दरअसल, यह विवाद IPL 2026 के पहले मुकाबले, यानी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए मैच से पहले ही शुरू हो गया था। कांग्रेस विधायक विजयानंद कशप्पनवर ने सुझाव दिया था कि प्रत्येक विधायक को कम से कम पांच आईपीएल टिकट दिए जाने चाहिए, क्योंकि जनप्रतिनिधियों को VIP माना जाता है और उन्हें टिकट के लिए लाइन में नहीं लगना चाहिए।
इसके बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घोषणा की कि विधायकों और सांसदों को RCB के मैचों के लिए तीन-तीन टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे। इस फैसले के बाद टिकटों के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि टिकट ऑनलाइन प्रक्रिया से बुक होते हैं और उनका दुरुपयोग संभव नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये टिकट नॉन-ट्रांसफरेबल होते हैं और आमतौर पर विधायक या उनके परिवार के सदस्य ही उनका उपयोग करते हैं।
मैदान के बाहर जहां विवाद जारी है, वहीं मैदान के अंदर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली बना हुआ है। टीम ने अब तक खेले गए 9 मुकाबलों में से 6 में जीत दर्ज की है और 12 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर काबिज है। वह केवल पंजाब किंग्स से पीछे है।
अब बेंगलुरु की टीम अपना अगला मुकाबला 7 मई को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खेलेगी। यह मैच लखनऊ के एकाना स्टेडियम में आयोजित होगा, जहां टीम अपनी जीत की लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगी। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि मैदान के बाहर चल रहा विवाद टीम के अभियान पर कितना असर डालता है और क्या बेंगलुरु फाइनल की मेजबानी बचा पाता है या नहीं।














