
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया पहला वनडे मैच बारिश की वजह से प्रभावित रहा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 7 विकेट से हरा दिया। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने वाले विराट कोहली शून्य पर आउट हो गए, वहीं कप्तान रोहित शर्मा भी केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उपकप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर भी कुछ खास नहीं कर सके। निर्धारित 26 ओवरों में भारतीय टीम केवल 136 रन ही बना सकी, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 21.1 ओवरों में आसानी से हासिल कर लिया।
अश्विन ने टीम चयन पर उठाए सवाल
मैच के बाद अनुभवी स्पिनर और पूर्व क्रिकेटर आर. अश्विन ने टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारतीय टीम के लिए खराब दिन था — पहले टॉस हारे, फिर बारिश ने खेल का रुख बदल दिया। उन्होंने टीम मैनेजमेंट की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “मैं समझ सकता हूं कि नितीश कुमार रेड्डी जैसे ऑलराउंडर को शामिल करने का मकसद बल्लेबाजी को गहराई देना था, लेकिन सिर्फ बल्लेबाजी पर ही ध्यान देने से काम नहीं चलेगा। गेंदबाजी पर भी फोकस जरूरी है। इतने बड़े मैदानों पर अगर कुलदीप जैसे गेंदबाजों को आजादी नहीं मिलेगी, तो और कहां मिलेगी?”
🚨Ravi Ashwin thrashed Gautam Gambhir for dropping Kuldeep Yadav & playing too many all rounders.
— Rajiv (@Rajiv1841) October 19, 2025
"Please focus on bowling too, if Kuldeep can't bowl on these big grounds with freedom then where is he gonna bowl? They will talk about this batting depth but it is batter's job to… pic.twitter.com/C4Uphr4Ed6
बल्लेबाजों की जिम्मेदारी पर निशाना
अश्विन ने साफ कहा कि अगर टीम बल्लेबाजी को प्राथमिकता दे रही है, तो फिर बल्लेबाजों को रन बनाने की जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने कहा, “आप अगर बल्लेबाजी की गहराई के लिए टीम का संतुलन बिगाड़ रहे हैं, तो बल्लेबाजों को अपने रोल को निभाना ही होगा। बेहतर गेंदबाजों को बाहर रखना सिर्फ इसलिए सही नहीं है कि टीम को एक अतिरिक्त बल्लेबाज चाहिए।”
“तीन ऑलराउंडर क्यों?” – अश्विन का सवाल
अश्विन ने आगे टीम के संतुलन को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले वनडे में तीन ऑलराउंडर्स खिलाए — नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर। इस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “आखिर कितने ऑलराउंडर चाहिए आपको? एक जमाना था जब टीम में एक भी ऑलराउंडर नहीं होता था। अब तीन-तीन ऑलराउंडर खेल रहे हैं। अगर नितीश टीम में हैं, तो फिर दो मुख्य स्पिनर क्यों नहीं खेले जा सकते? यह बात मेरी समझ से परे है।”
टीम को संतुलन पर फिर से सोचना होगा
अश्विन के इन बयानों से साफ है कि भारत की टीम संरचना पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। उन्होंने यह भी इशारा दिया कि भारत को आने वाले मुकाबलों में अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना चाहिए। बल्लेबाजों को जिम्मेदारी उठानी होगी और गेंदबाजों को आजादी के साथ खेलने का मौका मिलना चाहिए — तभी टीम का संतुलन और प्रदर्शन दोनों सुधर सकते हैं।














