
एशिया कप 2025 में भारत ने पाकिस्तान को दो बार हराकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है, लेकिन शुक्रवार को श्रीलंका के खिलाफ हुए मैच ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जब रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच फाइनल मुकाबला होना है, तो हालात पहले जितने आसान नहीं दिख रहे।
श्रीलंका के खिलाफ भारत ने भले ही टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया हो, लेकिन दूसरी पारी में गेंदबाजी लड़खड़ाती नजर आई। अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे गेंदबाजों को रन पड़ते देखना हैरानीजनक था, खासकर जब पथुम निसांका ने सिर्फ 52 गेंदों में शतक जड़ दिया।
भारतीय गेंदबाजों की हालत देख यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं कि फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ भारत को और भी बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। श्रीलंका की टीम अगर अंतिम दो ओवरों में अपना संतुलन न खोती, तो शायद भारत की जीत की लकीर वहीं टूट जाती।
हालांकि, चिंता सिर्फ गेंदबाज़ी तक सीमित नहीं रही। तिलक वर्मा, अभिषेक शर्मा और हार्दिक पांड्या जैसे अहम खिलाड़ी बीच मैच में मैदान से बाहर जाते दिखे — किसी को मांसपेशियों में खिंचाव तो किसी को ऐंठन ने परेशान किया। दुबई की गर्मी खिलाड़ियों पर साफ असर डालती नजर आई।
बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ज़रूर कहा कि अभिषेक अब ठीक हैं, लेकिन हार्दिक पंड्या की फिटनेस को लेकर शनिवार को अंतिम फैसला लिया जाएगा। अगर हार्दिक फाइनल में नहीं खेलते हैं तो भारत को शुरुआती गेंदबाज के रूप में बड़ा झटका लगेगा।
फिलहाल भारत के पास अर्शदीप और हर्षित के रूप में विकल्प हैं, लेकिन शुक्रवार को दोनों ने नई गेंद से खास असर नहीं डाला। हां, अर्शदीप ने डेथ ओवर्स में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन हर्षित की गेंदों पर श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने आसानी से रन बटोरे।
दूसरी ओर, पावरप्ले में हल्की स्विंग की मौजूदगी ने भी रणनीति में बदलाव की संभावना को जन्म दिया है। अगर शुरुआती ओवरों में गेंद हिलती है, तो भारत के टॉप ऑर्डर को शाहीन शाह अफरीदी और हारिस रऊफ के सामने सतर्क रहना होगा।
पाकिस्तान की टीम अपेक्षाकृत ताज़ा और आत्मविश्वास से भरी हुई नजर आ रही है, खासकर भारत की मुश्किलें देखने के बाद। भारत को श्रीलंका के खिलाफ आई कमजोरी को भुलाकर नए सिरे से फाइनल की तैयारी करनी होगी।
अब जब रविवार को भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे, तो खेल के दो 'अनदेखे विरोधी' सबसे ज्यादा असर डाल सकते हैं — क्रैम्प्स और ओस। ये दोनों ही फैक्टर ऐसे हैं जो बड़े से बड़े मुकाबले का रुख पलट सकते हैं।














