
एशिया कप 2025 के बहुप्रतीक्षित मुकाबले में आज भारत का सामना चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से होगा और यह मैच कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए कई मायनों में बेहद अहम है। यह सिर्फ उनकी कप्तानी की सबसे बड़ी परीक्षा नहीं है, बल्कि उनके 35वें जन्मदिन पर उनके क्रिकेट करियर की एक निर्णायक घड़ी भी है। भारत-पाकिस्तान मुकाबले की तीव्रता के बीच सूर्यकुमार पर व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों मोर्चों पर बेहतरीन प्रदर्शन करने का दबाव है।
अब तक पाकिस्तान के खिलाफ सूर्यकुमार का रिकॉर्ड बेहद औसत रहा है। उन्होंने पांच पारियों में महज 64 रन बनाए हैं और एक भी बार 20 का आंकड़ा पार नहीं कर पाए हैं। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज खासकर हारिस रऊफ के सामने वह संघर्ष करते नजर आए हैं, जिन्होंने दो बार उन्हें आउट किया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है।
हालांकि कप्तानी संभालने के बाद सूर्यकुमार की बल्लेबाजी में गिरावट आई है। जुलाई 2024 से कप्तान बनने के बाद उन्होंने 15 पारियों में केवल 265 रन बनाए हैं, औसत 18.92 रहा है, जिसमें सिर्फ दो अर्धशतक शामिल हैं। लेकिन उनकी कप्तानी के आंकड़े काफी सशक्त हैं – भारत अब तक उनकी कप्तानी में एक भी सीरीज़ नहीं हारा है।
इतिहास की बात करें तो भारत के कप्तानों का पाकिस्तान के खिलाफ टी20 में व्यक्तिगत प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। विराट कोहली ही अब तक ऐसे एकमात्र भारतीय कप्तान रहे हैं जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अर्धशतक जड़ा है – वो भी 2021 में उस प्रसिद्ध 10 विकेट से हार वाले मुकाबले में। एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज भी पाकिस्तान के खिलाफ बल्ले से प्रभावित नहीं कर पाए थे। ऐसे में सूर्यकुमार को न सिर्फ अपने रिकॉर्ड से ऊपर उठना होगा, बल्कि उस परंपरा को भी तोड़ना होगा जो अब तक भारतीय कप्तानों के साथ जुड़ी रही है।
हालांकि, हालिया संकेत कुछ उम्मीदें जरूर जगा रहे हैं। एशिया कप 2025 के शुरुआती मुकाबले में UAE के खिलाफ उन्होंने आक्रामक अंदाज़ में शुरुआत की और अपनी क्लास का संकेत दिया। इसके अलावा, IPL 2025 में उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए 717 रन बनाकर शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया, जिसमें उनका औसत 65.18 और स्ट्राइक रेट 167.91 रहा। इस सीजन में उन्होंने पांच अर्धशतक लगाए और टीम को क्वालिफायर तक पहुंचाया।
क्रिकेट के लिजेंड सुनील गावस्कर ने भी सूर्यकुमार की कप्तानी और ऑलराउंड प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें भारत की रणनीतिक ‘ट्रंप कार्ड’ बताया है। उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार न सिर्फ बल्लेबाजी में, बल्कि कभी-कभार गेंदबाजी में भी टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं। उनकी कप्तानी की चतुराई भारत के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।
आज के मैच में सूर्यकुमार यादव के लिए यह सिर्फ एक और मुकाबला नहीं है। यह उनके नेतृत्व, लय और आत्मविश्वास की परीक्षा है। जन्मदिन पर पाकिस्तान के खिलाफ जीत न केवल व्यक्तिगत संतोष लाएगी, बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास में उनकी छवि को और मजबूत करेगी। करोड़ों प्रशंसकों की निगाहें अब उनके बल्ले और फैसलों पर टिकी होंगी — क्या वह इन उम्मीदों पर खरे उतरेंगे?














