
बांग्लादेश में हाल ही में हुई हिंदू विरोधी घटनाओं और उससे जुड़े गंभीर बवाल के बाद तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने उन्हें ऑक्शन में अपने साथ जोड़ा था, लेकिन अब उनके टीम के लिए खेलने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस पूरे मामले पर KKR प्रबंधन से बातचीत की है और संकेत दिए हैं कि फ्रेंचाइजी को मुस्तफिजुर के विकल्प पर विचार करना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुस्तफिजुर और KKR दोनों को देशभर में विरोध का सामना करना पड़ा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व सदस्य संगीत सोम ने भी इस मुद्दे पर खुलकर आपत्ति दर्ज कराई थी।
#WATCH | Guwahati | BCCI secretary Devajit Saikia says, "Due to the recent developments that are going on all across, BCCI has instructed the franchise KKR to release one of their players, Mustafizur Rahman of Bangladesh, from their squad and BCCI has also said that if they ask… pic.twitter.com/53oxuRcmZp
— ANI (@ANI) January 3, 2026
KKR के सामने मुश्किल फैसला
इस विवाद ने KKR प्रबंधन को असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। एक तरफ टीम IPL 2026 की तैयारियों में पूरी तरह जुटी हुई है, वहीं दूसरी ओर मुस्तफिजुर को लेकर उठे सवालों ने फ्रेंचाइजी को लगातार सफाई देने पर मजबूर कर दिया है। अब क्रिकेट फैंस और जानकारों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि KKR इस मामले में क्या अंतिम निर्णय लेती है। क्या मुस्तफिजुर रहमान टीम का हिस्सा बने रहेंगे या फिर फ्रेंचाइजी किसी नए खिलाड़ी को मौका देगी—इस पर जल्द ही तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। इससे पहले KKR के मालिक शाहरुख खान को भी सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा था और कई लोगों ने मुस्तफिजुर को खरीदे जाने को लेकर उन पर सवाल खड़े किए थे।
IPL और सामाजिक विवादों का टकराव
यह पहला मौका नहीं है जब IPL में किसी खिलाड़ी को लेकर राजनीतिक या सामाजिक विवाद सामने आया हो। इससे पहले भी कई बार खिलाड़ियों की पृष्ठभूमि या उनसे जुड़े मुद्दों के कारण खेल से इतर चर्चाएं तेज हुई हैं। ऐसे मामलों में अक्सर क्रिकेट और राजनीति के आपसी टकराव पर बहस छिड़ जाती है। मौजूदा विवाद में भी खेल से जुड़े फैसलों को सामाजिक घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे न सिर्फ लीग की छवि बल्कि खिलाड़ियों की भूमिका और जिम्मेदारी पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बांग्लादेश में हिंसा का मामला
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में बांग्लादेश में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना भी है। वहां दीपू चंद्र दास नाम के एक हिंदू व्यक्ति की कथित तौर पर ईशा निंदा के झूठे आरोप में हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि भीड़ ने उसे बेरहमी से मारकर एक पेड़ से लटका दिया और हजारों लोगों के सामने जला दिया गया। इस घटना ने भारत समेत कई देशों में आक्रोश पैदा किया और इसी के बाद बांग्लादेश से जुड़े खिलाड़ियों और संस्थानों पर सवाल उठने लगे। यही वजह है कि मुस्तफिजुर रहमान को लेकर IPL में भी विवाद गहराता चला गया।














