
एशिया कप 2025 की शुरुआत में ही भारतीय क्रिकेट टीम ने ऐसा धमाका किया जिसने पूरे टूर्नामेंट की दिशा बदल दी। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने यूएई को महज़ 57 रनों पर समेटने के बाद केवल 4.3 ओवर (27 गेंदों) में लक्ष्य हासिल कर लिया। यह केवल एक जीत नहीं थी, बल्कि रिकॉर्डों का अम्बार था, जिसने टीम इंडिया को टी20 एशिया कप इतिहास की सबसे प्रभावशाली टीम के रूप में स्थापित कर दिया।
इस जीत के साथ भारत ने टी20 फॉर्मेट वाले एशिया कप में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अपने नाम किया। अब तक इस प्रतियोगिता में किसी भी टीम ने इतनी गेंदें शेष रहते लक्ष्य हासिल नहीं किया था। टीम इंडिया ने 93 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की, जो किसी भी पूर्ण सदस्य देश (Full Member Nation) की ओर से टी20 एशिया कप में सबसे अधिक गेंदें बचाकर की गई जीत है।
हालांकि, कुल मिलाकर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदों के हिसाब से सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अभी भी इंग्लैंड के नाम है। इंग्लैंड ने 2024 में ओमान को 101 गेंदें शेष रहते मात दी थी। भारत की यह उपलब्धि अब उस सूची में दूसरे स्थान पर है, जिससे स्पष्ट है कि टीम इंडिया का यह प्रदर्शन किसी ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं।
दुबई के इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने यूएई के बल्लेबाज़ों को कोई मौका नहीं दिया। कुलदीप यादव ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए मात्र सात रन देकर चार विकेट चटकाए। शिवम दुबे और अन्य गेंदबाजों ने भी सटीक लाइन-लेंथ के साथ विरोधी टीम की बल्लेबाज़ी को तहस-नहस कर दिया। यूएई का यह 57 रनों का स्कोर भारत के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में उसका सबसे कम स्कोर बन गया।

भारत की पारी में युवा ओपनर अभिषेक शर्मा ने पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर शुरुआत की और शुभमन गिल के साथ मिलकर लक्ष्य तक पहुँचने का काम बेहद तेज़ी से पूरा किया। कप्तान सूर्यकुमार यादव इस ऐतिहासिक जीत के बाद टीम के साथ ड्रेसिंग रूम लौटते समय खासा उत्साहित दिखाई दिए और उन्होंने गेंदबाजों व युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की।
इस मुकाबले ने कई और दिलचस्प रिकॉर्ड भी बनाए—जैसे एशिया कप टी20I में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ी आंकड़ों की सूची में कुलदीप यादव का नाम शामिल होना, और “पूर्ण सदस्य टीमों के बीच सबसे कम समय में समाप्त होने वाले मुकाबले” के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाना।
58 रन के लक्ष्य को भारत ने 4.3 ओवर में हासिल कर लिया। अभिषेक और गिल ने 3.5 ओवर में पहले विकेट के लिए 48 रन की साझेदारी की। इस स्कोर पर अभिषेक शर्मा 16 गेंद पर 3 छक्के और 2 चौके की मदद से 30 रन बनाकर आउट हुए। तीसरे नंबर पर उतरे सूर्यकुमार यादव ने गिल के साथ मिलकर भारत को 9 विकेट से जीत दिला दी। भारत ने 4.3 ओवर में 1 विकेट पर 60 रन बनाकर मैच 9 विकेट से जीता। गिल 9 गेंद पर 20 जबकि सूर्या 2 गेंद पर 7 रन बनाकर नाबाद रहे।
टीम इंडिया की यह जीत न केवल रिकॉर्डबुक में एक और सुनहरा पन्ना जोड़ती है बल्कि एशिया कप 2025 में उसके अभियान के लिए एक मजबूत संदेश भी देती है कि भारत इस बार खिताब जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है।














