
भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट डेब्यू करने का सपना अधूरा रह गया। शुरुआती मैचों में उन्हें मौका नहीं दिया गया और जब चौथे टेस्ट से पहले उन पर विचार किया जा रहा था, तभी उनके अंगूठे में चोट लग गई। चोट से उबरने के बावजूद जब मैनचेस्टर और ओवल में हुए अंतिम दो टेस्ट में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला तो उनका मन और भी व्याकुल हो गया।
कोच का खुलासा – इंतजार ने तोड़ी धैर्य की परीक्षा
पंजाब के गेंदबाजी कोच गगनदीप सिंह ने हाल ही में इस बात का खुलासा किया कि इंग्लैंड में लंबे इंतजार ने अर्शदीप को बेचैन कर दिया था। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले इंग्लैंड में उनकी अर्शदीप से बातचीत हुई थी, तब उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि “उन्हें अवसर न मिलने की वजह से बेचैनी हो रही है।” गगनदीप ने उन्हें सलाह दी कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर खिलाड़ी को अपने मौके का धैर्यपूर्वक इंतजार करना पड़ता है। हालांकि, कोच का मानना है कि इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में स्विंग गेंदबाज अर्शदीप को टीम में शामिल किया जाना चाहिए था।














