
भारतीय तेज़ गेंदबाज़ आकाश दीप, जिन्होंने इंग्लैंड दौरे पर 13 विकेट झटके—जिसमें एक मैच में छह विकेट भी शामिल हैं—ने बताया कि उन्हें एमएस धोनी और विराट कोहली से क्या अमूल्य सलाह मिली।
28 वर्षीय आकाश दीप ने 2025 की टेस्ट सीरीज़ में शानदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट (एजबेस्टन) में उन्होंने इतिहास रचते हुए 1986 में चेतन शर्मा के बाद इंग्लैंड में एक टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज़ बने। उन्होंने पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर कुल 10/187 का आंकड़ा हासिल किया।
आज तक को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा—"विराट हमेशा कहते हैं कि अगर किसी चीज़ को लेकर मन में संदेह हो, तो इतना अभ्यास करो कि कोई सवाल ही न बचे। धोनी भी कहते हैं कि अभ्यास ही आत्मविश्वास देता है। क्रिकेट आत्मविश्वास का खेल है, और आत्मविश्वास मेहनत से आता है।"
पुरानी गेंद से बल्लेबाज़ी क्यों मुश्किल थी
आकाश दीप ने ओवल टेस्ट के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि टीम ने दूसरी नयी गेंद न लेने का फैसला इसलिए किया क्योंकि पुरानी गेंद अब भी काफी मूवमेंट दे रही थी। विकेट सपाट हो चुका था, रन बनाना आसान नहीं था, और टीम ने मौजूदा स्विंग का इस्तेमाल कर विकेट लेने की योजना बनाई।
"आखिरी मैच बहुत अहम था। हम 2-1 से पीछे थे, इसलिए पूरी तरह फोकस रहना जरूरी था। एक समय लगा कि विकेट से कोई मदद नहीं मिल रही और हम हार सकते हैं। लेकिन फिर गेंद मूव करने लगी और दर्शकों के समर्थन से हमें विश्वास हुआ कि हम जीत सकते हैं।"
ओवल में खेले गए आखिरी टेस्ट के पांचवें दिन भारत ने रोमांचक जीत दर्ज की, इंग्लैंड को 374 रन के लक्ष्य के सामने 367 पर ऑल आउट कर सीरीज़ 2-2 से बराबर कर दी। मोहम्मद सिराज ने पांच विकेट लिए, जिसमें निर्णायक यॉर्कर भी शामिल था, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने अहम विकेट हासिल किए।














