
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में शुक्रवार रात कैब चालक की पिटाई का मामला हर दिन नया मोड़ ले रहा है। अब कैब ड्राइवर की पिटाई करने की आरोपी लड़की ने अपनी सफाई दी है। सोमवार को कैब चालक की पिटाई करने वाली युवती प्रियादर्शिनी के खिलाफ लूट और तोड़फोड़ की एफआईआर दर्ज हुई तो मंगलवार को प्रियादर्शिनी ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। प्रियादर्शिनी ने कहा कि मैंने अपनी सुरक्षा में युवक को पीटा था। इसके साथ ही लड़की ने कहा कि मुझे हार्ट की प्रॉब्लम है, किडनी की भी प्रॉब्लम है, ब्रेन की भी प्रॉब्लम है।
अपनी सफाई में प्रियादर्शिनी का कहना है कि वो शुक्रवार रात अवध चौराहे पर रेड लाइट होने के बाद जेब्रा लाइन से सड़क पार कर रही थी तभी तेज रफ्तार से आ रहे कैब चालक ने उसे हिट किया। इससे नाराज होकर उसने कैब चालक की पिटाई की और उसका मोबाइल तोड़ दिया। इस पर कैब चालक के साथ आए लोगों ने भी उसे पीटा।
हालांकि, सीसीटीवी फुटेज सिर्फ उसकी पिटाई करते हुए ही सामने आई है। प्रियादर्शिनी ने अपने साथ हुई मारपीट की फुटेज भी निकलवाने और कैब चालक व मारपीट करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रियादर्शिनी के इन आरोपों के बाद पुलिस शुक्रवार रात मारपीट के वायरल हुए सीसीटीवी फुटेज की पहले और बाद की रिकॉर्डिंग भी निकलवा रही है।
प्रियादर्शिनी का आरोप है कि कार सवार लड़के मुझे 300 मीटर तक मारते ले गए, यह किसी सीसीटीवी में नहीं दिखाई पड़ा, मुझे हार्ट की प्रॉब्लम है, किडनी की भी प्रॉब्लम है, ब्रेन की भी प्रॉब्लम है, मैं हमेशा की तरह वहां से वाकिंग के लिए जा रही थी, वहां पर सिग्नल रेड हो चुका है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस को इससे कोई मतलब नहीं था।
पुलिस की मुखबिर है लड़की
इससे पहले कैब ड्राइवर ने दावा किया था कि थप्पड़ मारने वाली लड़की पुलिस की मुखबिर है। कैब ड्राइवर की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया कि लड़की के मुखबिर होने की बात खुद कृष्णा नगर थाने की पुलिस ने बताई थी। इसके साथ ही कैब ड्राइवर ने कहा था कि पुलिस ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के बाद मुझे छोड़ा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर युवती के साथ मारपीट हुई है और वो कोई शिकायत करती है तो उसकी तरफ से भी मामला दर्ज किया जाएगा। प्रियादर्शिनी ने अपने खिलाफ दर्ज लूट की एफआईआर को भी फर्जी बताया। उसका कहना है कि कैब चालक ने उसे हिट किया इसलिए उसने मारपीट की और उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया, लूट का आरोप गलत है। उसने पुलिस से मुकदमे से लूट की धारा हटाने की मांग भी की है। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, लखनऊ की एक लालबत्ती पर कैब ड्राइवर की पिटाई का एक वीडियो वायरल हुआ था। शुरुआत में कैब ड्राइवर को ही दोषी माना जा रहा था, लेकिन 2 अगस्त को जब महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने लगा तब सच सामने आया। इसके बाद पुलिस ने महिला के खिलाफ लूट और मारपीट करने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
सोशल मीडिया पर प्रियादर्शिनी के खिलाफ लोगों ने अभियान छेड़ दिया। हैशटैग अरेस्ट लखनऊ गर्ल अभियान चलाकर लोगों ने प्रियादर्शिनी को गिरफ्तार करने की मांग शुरू कर दी।
प्रियादर्शिनी ने लखनऊ यूनिवर्सिटी में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर नौकरी की है। उसने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान वहां नौकरी छोड़ दी और दिल्ली की एक निजी कंपनी में अध्यापन का काम कर रही है।














