
राजस्थान का चिकित्सा विभाग सवालों के घेरे में आ खड़ा हुआ हैं जहां चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अपनी छवि सुधारने और प्रचार पर केंद्रीय विभागों से भी बड़ा टेंडर जारी कर रहा हैं। विभाग का सोशल मीडिया पब्लिसिटी का टेंडर 4.5 करोड़ प्लस जीएसटी रखा है जो करीब 5.40 करोड़ रुपए का होगा। कुछ लोगों का कहना है कि यह बजट सालाना पहले 12 लाख रुपए था, लेकिन विभाग इसे नकार रहा है। इस पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि यह 5.40 करोड़ का टेंडर है। मैं इसका निरीक्षण करवाऊंगा। कोई धांधली नजर आई तो जांच कराएंगे।
टेंडर जारी कर्ता अफसरों का कहना है कि इसमें न केवल चिकित्सा विभाग, बल्कि चिरंजीवी योजना, एनएचएम, आरएमएससीएल आदि का प्रचार और सोशल मीडिया पब्लिसिटी का कार्य होगा। यह पहली बार किया गया है। दूसरी तरफ विभाग के जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया पब्लिसिटी का इतना बजट तो केंद्र सरकार के किसी विभाग का भी नहीं है। यह टेंडर पिछले दिनों चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा की गोवा निजी यात्रा के दौरान निकाला गया।
जानकारों का सवाल है कि एक आईएएस की पारिवारिक सोशल मीडिया फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर में आरबीआई जैसी शर्त रखी है। लोएस्ट बोलीदाता के नाम पर टेंडर खोलने की बजाय इसमें क्वालिटी आधार पर चयन होगा। सोशल मीडिया में रोज शर्तें व नियम कार्य बदलते रहते हैं, कोई कैसे परीक्षण करेगा कि कौनसी एजेंसी भविष्य के कार्य में कितनी दक्ष निकलेगी।














