नई दिल्ली। तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने अपने चुनावी वादे को पूरा करने के लिए 31,000 करोड़ रुपये खर्च करके किसानों के 2 लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में एकमुश्त कृषि ऋण माफ करने का फैसला लिया गया । कैबिनेट बैठक के बाद सीएम ने मीडिया को बताया कि 12 दिसंबर 2018 से 9 दिसंबर 2023 के बीच लिए गए कृषि ऋणों को माफ करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि ऋण एकमुश्त माफ किए जाएंगे, जबकि पिछली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार ने एक लाख रुपये तक के ऋण चार किस्तों में माफ किए थे।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि पिछली बीआरएस सरकार ने 2014 से 2023 के बीच अपने दो कार्यकालों में 28,000 करोड़ रुपये तक के कर्ज माफ किए थे, जबकि कांग्रेस सरकार 31,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि यह वादा 6 मई, 2022 को वारंगल में पार्टी नेता राहुल गांधी द्वारा जारी किसानों के घोषणापत्र में किया गया था। उन्होंने कहा कि वादे को लागू करके सरकार यह स्पष्ट संदेश देगी कि कृषि एक उत्सव है, न कि घाटे का पेशा।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि पिछली सरकार ने 10 साल में किसानों से किए वादे पूरे नहीं किए, जबकि कांग्रेस सरकार आठ महीने में अपने वादे पूरे कर रही है।
सामने आई राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा की प्रतिक्रियातेलंगाना में किसानों का कर्ज माफ करने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने तेलंगाना के अन्नदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि जो कहा वो करके दिखाया, यही नीयत है और आदत भी।
राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''तेलंगाना के किसान परिवारों को बधाई। कांग्रेस सरकार ने आपके 2 लाख रू तक के सभी ऋण माफ कर 'किसान न्याय' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है - जो 40 लाख से ज्यादा किसान परिवारों को कर्ज मुक्त बनाएगा। जो कहा, करके दिखाया - यही नीयत है और आदत भी।''
उन्होंने आगे लिखा, ''कांग्रेस सरकार का मतलब है - राज्य का खजाना किसानों और मजदूरों समेत वंचित समाज को मजबूत बनाने में खर्च होने की गारंटी, जिसका उदाहरण है तेलंगाना सरकार का यह फैसला। हमारा वादा है -कांग्रेस जहां भी सरकार में होगी, हिंदुस्तान का धन 'हिंदुस्तानियों' पर खर्च करेगी, 'पूंजीपतियों' पर नहीं।''