
अफगानिस्तान में तालिबान ने अपनी सरकार बनाई और हाल ही में इसके मंत्रिमंडल की दूसरी सूची जारी की थी जिसमें भी किसी महिला को शामिल नहीं किया गया था। इसको लेकर कई देशों ने तालिबान के इस कदम पर सवाल उठाए थे। वहीँ तालिबान की हिमाकत करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने तालिबान को समावेशी सरकार बनाने की नसीहत दी थी। लेकिन तालिबान को पाकिस्तान की दखलंदाजी रास नहीं आ रही हैं। तालिबान ने पाकिस्तान को दो टूक जवाब दिया है। तालिबान ने कहा कि पाकिस्तान या किसी और देश को यह मांग करने का कोई अधिकार नहीं है कि अफगानिस्तान में कैसी सरकार बनेगी। तालिबान का पाकिस्तान पर इस गुस्से का एक नजारा देखने को मिला जब राहत सामग्री लेकर आने वाले ट्रक पर लगा पाकिस्तानी झंडा फाड़ दिया गया। तालिबानी लड़ाकों ने पाकिस्तान का खुलकर विरोध भी किया।
Taliban foot soldiers in this video removing Pakistan's flags from trucks carrying aid supplies for Afghanistan #Taliban pic.twitter.com/YelHBHxNYL
— Murtaza Ali Shah (@MurtazaViews) September 21, 2021
इस पूरी घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दिखाया गया है कि तालिबानी लड़ाकों ने जैसे ही ट्रक पर पाकिस्तानी झंडा लगा देखा तो वो गुस्से में आग बबूला हो गए। उन्होंने आपत्ति जताई कि ये झंडा क्यों लगा हुआ है। फिर उन्होंने झंडा तुरंत निकाल दिया और कैमरे के सामने ही उसे फाड़ भी दिया। इसके बाद गुस्से में एक लड़ाका ट्रक वाले को धमकी देता हुआ भी दिखाई देता है। गौर करने वाली बात ये है कि जिस ट्रक से झंडा निकाला गया, उस पर पाक-अफगान को-ऑपरेशन फोरम लिखा हुआ।
तालिबान में मुल्ला बरादर और मुल्ला यूसुफ के नेतृत्व वाला गुट पाकिस्तान की बढ़ती दखलअंदाजी से चिढ़ा हुआ है। यही कारण है कि अफगानिस्तान में इस्लामिक अमीरात सरकार के ऐलान के बाद भी ये दोनों नेता काबुल से दूरी बनाए हुए हैं। मुल्ला बरादर को तालिबान सरकार में उप प्रधानमंत्री और मुल्ला यूसुफ को रक्षा मंत्री बनाया गया है। मुल्ला यूसुफ तालिबान सरगना मुल्ला उमर का बेटा और मुल्ला बरादर का भांजा है।














