
बीते दिनों लाइब्रेरियन भर्ती में 9 चयनित अभ्यर्थी ऐसे थे जिनके पास फर्जी डिग्री थी। इसके चलते शिक्षा विभाग कृषि व्याख्याता भर्ती में फूंक-फूंक कर कदम रख रहा हैं। यही कारण है कि शिक्षा विभाग ने कृषि व्याख्याता भर्ती के 196 चयनितों की पोस्टिंग को रोक लिया है। यह वे चयनित हैं, जिनकी काउंसलिंग हो चुकी है लेकिन पोस्टिंग से पहले शिक्षा विभाग एक बार फिर उनकी शैक्षिक योग्यता की जांच करा रहा है। यह सभी ऐसे चयनित हैं जिन्होंने या तो राजस्थान के किसी प्राइवेट विश्वविद्यालय से डिग्री ली हुई है या फिर राजस्थान के बाहर के किसी विश्वविद्यालय की डिग्री रखते हैं। हालांकि शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी यूनिवर्सिटी से शैक्षिक योग्यता से जुड़ी डिग्री लेने वाले 52 चयनितों की पोस्टिंग के आदेश जारी कर दिए।
आरपीएससी ने 2018 में व्याख्याताओं के 5 हजार पदों पर भर्ती निकाली थी। कृषि व्याख्याता के 370 पद थे। आयोग ने पिछले महीने चयनितों की सूची शिक्षा विभाग को भेजी थी। 248 चयनित व्याख्याताओं की पोस्टिंग के लिए 10 अगस्त को बीकानेर निदेशालय में काउंसलिंग का आयोजन कर लिया। काउंसलिंग में 407 खाली पद दिखाए थे। व्याख्याताओं को मेरिट और केटेगरी के आधार पर बुलाया गया और उन्होंने खाली पदों में से पोस्टिंग के लिए स्कूल का चयन कर लिया। 11 अगस्त 52 चयनितों की ही पोस्टिंग के आदेश जारी किए। विभाग ने 196 चयनितों की पोस्टिंग के आदेश जारी नहीं किए।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक सौरभ स्वामी ने बताया कि कृषि व्याख्याता भर्ती में जिन अभ्यर्थियों के पास राजस्थान के निजी विश्वविद्यालय और बाहर के विवि की डिग्री है। उनकी फिर जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आदेश जारी कर दिए जाएंगे।














