
राजस्थान के उदयपुर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। मानवता को शर्मसार करने वाली घटना शनिवार की है। मावली के फतहनगर थाना क्षेत्र के फलीचड़ा गांव के सरकारी स्कूल के बाथरूम में शनिवार शाम कोई नवजात लड़के को फेंक गया। बाथरूम के ऊपर छत नहीं थी। नवजात के पेट से नाल जुड़ी हुई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि जन्म के बाद ही इसे कोई यहां डाल गया। करीब सात फीट ऊंची दीवार से नीचे डालने के कारण नवजात के सिर पर हल्की चोटें भी आई हैं। पुलिस का मानना है कि किसी ने मासूम काे दाेनाें पांव पकड़ कर बाथरूम में डाला हाेगा।
घटना शनिवार शाम फलीचड़ा गांव के सरकारी स्कूल की है। बाथरूम का गेट बाहर से बंद था। स्कूल में छुट्टी हो चुकी थी। स्कूल से कुछ दूर खेलते वक्त 11वीं कक्षा के छात्र यशपाल ने बच्चे की राेने की आवाज सुनी तो उसने गांव में ही रहने वाले शिक्षक नीरज फाैजदार और लिपिक महेश लूनिया काे बताया। इस पर शिक्षक माैके पर पहुंचे। सरपंच पति छाेगालाल जाट काे सूचना दी। इस पर उन्होंने पुलिस को बताया। पुलिस के आने से पहले शिक्षक तथा गांव के लोग नवजात को मावली सीएचसी लाए। जहां प्राथमिक उपचार कर उदयपुर रेफर कर दिया।
फतहनगर थाने के ASI ने बताया कि शाम को सूचना मिली कि फलीचड़ा स्कूल के बाथरूम में एक नवजात पड़ा है। पुलिस के आने से पहले ही लोग मासूम को मावली अस्पताल ले गए। यहां शिशु रोग विशेषज्ञ डा एलसी चारण ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को 108 एंबुलेंस से उदयपुर रेफर कर दिया। जहां उसकी हालत में सुधार है। इस दौरान पुलिस ने आसपास के लोगों से नवजात के बारे में पूछताछ की, लेकिन इसे छोड़ने वाले का पता नहीं चल पाया। आसपास के क्षेत्र में डिलेवरी केस के बारे में पुलिस पता लगा रही है।














