कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले पहुंचे, जहां उन्होंने इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान की ओर से सीमा पार की गई गोलाबारी के पीड़ितों से मुलाकात की। लोकसभा में विपक्ष के नेता का यह केंद्र शासित प्रदेश का दूसरा दौरा है, जो कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले के बाद हुआ है। इस हमले में कुल 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे।
राहुल गांधी इससे पहले 25 अप्रैल को श्रीनगर पहुंचे थे, जहां उन्होंने आतंकवादी हमले में घायल लोगों से भेंट की थी। उस दौरान उन्होंने उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित कई प्रमुख अधिकारियों और नागरिकों से भी बातचीत की थी। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, गांधी शनिवार सुबह जम्मू हवाई अड्डे पर पहुंचे और फिर हेलीकॉप्टर से पुंछ के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने गोलाबारी से प्रभावित क्षेत्रों और शोकग्रस्त परिवारों का दौरा किया।
गौरतलब है कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 6 मई की रात पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इसके बाद पुंछ सेक्टर में संघर्ष की तीव्रता और गोलाबारी में भारी वृद्धि हुई। पाकिस्तान ने 7 से 10 मई के बीच जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों में तोपों से गोले बरसाए, मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में कुल 28 लोग मारे गए, जिनमें से 13 अकेले पुंछ जिले में जान गंवा बैठे, जबकि 70 से अधिक लोग घायल हुए।
इस बढ़ते खतरे से बचने के लिए नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के समीप रहने वाले हजारों नागरिकों ने अपने घर छोड़कर सरकारी राहत शिविरों में शरण ली। सीमा पार से लगातार चार दिन तक हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव को समाप्त करने की सहमति बनी।
#WATCH | On his visit to Poonch, J&K, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says "It was a big tragedy and many people have lost their lives. There has been huge damage. I spoke with the people and tried to understand their problems. They have requested me to raise this… pic.twitter.com/rx587wdIcH
— ANI (@ANI)कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने बताया कि राहुल गांधी एक गुरुद्वारे, मंदिर, मदरसे और एक ईसाई मिशनरी स्कूल सहित गोलाबारी से प्रभावित विभिन्न संरचनाओं का दौरा करेंगे। वह शोकाकुल परिवारों और स्थानीय नागरिक समाज के सदस्यों से भी भेंट करेंगे। कर्रा ने कहा, “गांधी पहले ऐसे राष्ट्रीय नेता हैं जो संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे हैं, उनके दुःख को साझा करने और एकजुटता व्यक्त करने के लिए।”
पुंछ के एक स्कूल में पहुंचे राहुल गांधी ने छात्रों से कहा, “आपने नजदीक से खतरा देखा है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। सब कुछ ठीक हो जाएगा। इस स्थिति से निपटने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप खूब पढ़ाई करें और स्कूल में बहुत सारे दोस्त बनाएं।”
गांधी ने इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान कहा था कि आतंकवादी हमलों की मंशा देश को विभाजित करने की थी, और यह भारतवासियों की जिम्मेदारी है कि वे एकजुट होकर आतंकवाद को जड़ से खत्म करें।














