
कोरोना के आंकड़ो में जरूर कमी आई हैं लेकिन चिंता की बात यह हैं कि ग्रामीण इलाकों में संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा हैं। अभी भी ग्रामीण इलाकों के रैंडम सैंपल में 17% लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से हुए डाेर टु डाेर सर्वे 18 मई काे जिले के 2400 गांवों में से 2152 गांवों में काेराेना संक्रमण पाया गया था। इसके बाद चिकित्सा विभाग ने सभी 13 उपखंडों पर अलग-अलग स्थानों से रैंडम सर्वे शुरू करवाया है।
जयपुर ग्रामीण में लाेगाें की रैंडम काेराेना जांच में लिए गए सैंपल में से 17 प्रतिशत लाेगाें के सैंपल काेराेना पॉजिटिव आ रहे हैं। दाेनाें सीएमएचओ की ओर से अलग-अलग क्षेत्र में 13 टीमें सीएचसी व पीएचसी पर राेजाना 1700 से अधिक सैंपल एकत्रित कर रही है। सेंपल की जांच में 290 से 300 तक काेराेना पॉजिटिव आ रहे हैं। सबसे अधिक काेटपुतली, विराटनगर, सांभर-फुलेरा, फागी क्षेत्रों में काेराेना मरीज हैं।
कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा का कहना है कि सर्वे के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में 23 काेविड सेंटर बनाए गए है ताकि स्थानीय स्तर पर लाेगाें काे इलाज मिल सके। उन्होंने बताया कि शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी करीब 10 प्रतिशत मरीजों में कमी आयी है। ग्रामीण क्षेत्र में खाेले गए सभी काेविड अस्पतालों में पर्याप्त बेड उपलब्ध हैं।














