बड़े स्तर पर हैकिंग और जासूसी के आरोप लगने के बाद पेगासस स्पायवेयर एक बार फिर विवादों में है। रविवार को आई एक रिपोर्ट के बाद सोमवार को इस मुद्दे पर पूरे देश में सियासी बवाल मच गया है। इजराइली कंपनी के पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए फोन टेपिंग की रिपोर्ट पर सोमवार को संसद में जमकर बवाल हुआ। कांग्रेस ने पत्रकारों समेत दूसरी हस्तियों के फोन टेपिंग की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। सरकार ने इसे खारिज करते हुए कहा कि रिपोर्ट में लीक हुए डेटा का जासूसी से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी जासूसी मामले पर बयान दिया है। उन्होंने इसे बेकार की बातें बताते हुए कहा कि किसी को डिस्टर्ब करना अच्छी बात नहीं है।
सीएम नीतीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'ये गलत हैं। यह सब गंदी बात हैं, सब फ़ालतू चीज़ हैं। किसी को डिस्टर्ब करना अच्छी बात नहीं है। मेरे हिसाब से बिल्कुल बेकार बात हैं। नई टेक्नॉलोजी का दुरुपयोग हो रहा है। इसका बुरा असर भी पड़ रहा है। कई जगह लोगों को परेशानी हो रही है। काम करना चाहते हैं, उसमें बाधा आती है। कोई गलत काम करता है तो उस पर शुरू से ही कार्रवाई करने का प्रावधान होता है।'
बता दें, रविवार को न्यूज वेबसाइट 'द वायर' समेत कई मीडिया संस्थानों ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि एक अज्ञात एजेंसी ने Pegasus स्पाइवेयर का इस्तेमाल करते हुए भारतीय पत्रकारों और नेताओं को निशाना बनाया है। रविवार रात को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में मंत्रियों, विपक्ष के नेताओं, पत्रकारों, लीगल कम्युनिटी, कारोबारियों, सरकारी अफसरों, वैज्ञानिकों, एक्टिविस्ट समेत करीब 300 लोगों की जासूसी की गई है। द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से करीब 40 पत्रकार हैं। इन पर फोन के जरिए निगरानी रखी जा रही थी। वॉशिंगटन पोस्ट और द गार्जियन के अनुसार 3 प्रमुख विपक्षी नेताओं, 2 मंत्रियों और एक जज की भी जासूसी की पुष्टि हो चुकी है, हालांकि इनके नाम नहीं बताए हैं। इस जासूसी के लिए इजराइल के पेगासस स्पायवेयर का इस्तेमाल किया गया था।
हालांकि, इस मामले पर सरकार की ओर से भी सफाई आई थी। सरकार ने हैकिंग में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा, 'विशेष लोगों पर सरकारी निगरानी के आरोपों का कोई ठोस आधार या इससे जुड़ी सच्चाई नहीं है।' लेकिन, द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने Pegasus स्पाइवेयर की खरीद या उपयोग से स्पष्ट रूप से इनकार नहीं किया।