
बीते दिन शुक्रवार सुबह अजमेर में निर्ममता का नजारा देखने को मिला जिसमें JLN अस्पताल के बाहर नाली में आठ घंटे पूर्व पैदा हुआ नवजात ताेलिए में लिपटा मिला। नवजात के गर्भनाल काे पत्थराें से कुचला गया था। शरीर पर मिटटी लगी हुई थी। नवजात पर काेई भी वस्त्र नहीं था, केवल ताेलिए से लपेटकर यहां छाेड़ दिया गया। वहां से निकल रहे लाेगाें काे इसकी जानकारी लगी ताे उन्हाेंने अस्पताल प्रशासन काे मामले की जानकारी दी। अस्पताल प्रशासन ने नवजात काे एसएनसीयू में भर्ती किया है, जहां पर स्टाफ उसकी देखरेख कर रहा है। जेएलएन अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमराें काे खंगाला जाएगा ताकि पता लग सके कि नवजात काे ऐसी हालत में काैन छाेड़ गया।
जहां पर नवजात मिला वहां पर आधे घंटे पहले ही अस्पताल के सफाईकर्मियाें ने सफाई की थी। उस समय तक वहां काेई नहीं था। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि सफाई हाेने के बाद ही काेई नवजात काे यहां छाेड़ गया। नवजात काे काफी महंगे ताेलिए से लपेटा हुआ था। नर्सिंग का कहना है कि हाे सकता यह अमीर का बच्चा हाे, जिसने लाेक लाज के भय से उसे अपनाया नहीं।
सरकारी या निजी अस्पताल में प्रसव हाेने पर बच्चे के दाेनाें पैराें के निशान लिए जाते हैं। पैराें के नीचे स्याही लगाई जाती है, लेकिन इस नवजात के पैर में निशान नहीं थे। माना जा रहा है कि नवजात ने या ताे घर पर ही जन्म लिया है या किसी ऐसे निजी क्लिनिक में प्रसव हुआ है जहां पर इसकी एंट्री तक नहीं की गई।














